जवान महिला ने बूढ़ा बनने के लिए अपनाया अनोखा तरीका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमांडा प्लेटल ये जानना और महसूस करना चाहती थी कि साठ से ज्यादा उम्र हो जाने पर बूढ़े लोग कैसे जीते हैं।
वो ये भी महसूस करना चाहती थी कि उम्रदराज लोग कैसे चलते फिरते हैं और कमजोर शरीर के वजह से उन्हें क्या क्या दिक्कतें आती हैं।
डेली मेल के मुताबिक चालीस साल की अमांडा ने एक खास तरह का सूट बनवाया।
पुलिस ने महिला के साथ की रूह कंपा देने वाली हैवानियत
इस सूट की बनावट कुछ ऐसी है कि इसे पहनने वाले व्यक्ति को चलने फिरने से लेकर हर काम में दिक्कत महसूस होती है और जकड़ा हुआ सा लगता है।
रखी एक ट्रेनर, पहन लिए चश्मे
अमांडा ने सूट पहनकर अपने बॉडी मूवमेंट को तो कम कर लिया लेकिन उनकी आंखें और कान अभी भी ठीक तरह से देखने और सुनने में सक्षम थे।
फिर इस महिला आंखों में काले चश्मे और कान को ढंकने वाली ऐसी मशीन लगवाई जिससे उसे कम सुनाई पड़े।
करिश्मा या इत्तेफाक! इन बहनों की जिंदगी में सब कुछ है एक जैसा
अमांडा ने अनीता रकलेज नाम की एक नर्स को भी साथ रखा है। ऐसा करने से उसे महसूस होता है कि बूढ़े लोगों को हमेशा सहारे की जरूरत होती है और वो ऐसा ही कर रही हैं।
माना बूढ़े लोगो की जिंदगी है मुश्किल
अमांडा ने टाइट ऐजिंग बॉडी सूट पहनकर न सिर्फ डंडे का सहारा लेकर चलना शुरू किया बल्कि गले में भी एक पट्टे जैसी चीज बांध ली। ऐसा करने से उन्हें गर्दन घुमाने में मुश्किल पैदा होने लगी।
हैरतंगेज! रंगों को सुन सकता है ये शख्स
इसके साथ ही अमांडा ने कम खाना पीना भी शुरु किया। कुछ दिनों तक अपने आप को बूढ़ा बनाकर जीने के बाद उन्हें इस बात का एहसास है कि बूढ़ापे की जिंदगी कितनी मुश्किल और अकेलेपन से भरी होती है।