बढ़ती टेक्नॉलोजी ने दिया तनाव और बस कर ली खुदखुशी!
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हम बदलते हुए लाइफस्टाइल को लेकर बेहद खुश रहते हैं और इस बात की खुशक्सिमती मनाते हैं कि हम टेक्नॉलोजी के एक ऐसे युग में पैदा हुए हैं जहां सब कुछ महज एक क्लिक पर हासिल किया जा सकता है।
सहूलियत भरी ऐसी जिंदगी बहुत अच्छी है।
पर, मिलिए इस महिला से जिसे भाग-दौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते हुए टेक्नॉलोजी के इस्तेमाल ने इतना तनाव में डाल दिया कि उसने एक गंभीर फैसला ले लिया।
तनाव में थी वो
वो पेशे से एक आर्ट टीचर थी और उसे पर्यावारण से बहुत प्यार था। शारीरिक और मानसिक रूप से बिल्कुल स्वस्थ्य इस महिला का जीवन भी एकदम सामान्य था।
लेकिन उसे अगर दुनिया में कुछ नहीं पसंद था तो वो लोगों की ओर से टेक्नॉलोजी का बढ़ता इस्तेमाल।
मार्डन गैजेट्स जिनके बगैर आज की दुनिया में जीना मुश्किल है, उसी की वजह से वो बेहद तनाव में रहती थी।
खान-पान से भी थी दिक्कत
उसका मानना था कि आज की दुनिया पचास साल पहले की दुनिया जैसे भी जी सकती थी।
लेकिन आज के दौर के लोग टेक्नॉलोजी से चिपके रहते हैं। न सिर्फ इतना बल्कि उनके खान-पान में भी फास्ट फूड की मात्रा बढ़ गई है।
उसे लोगों का ई-मेल करना और फोन पर घंटों बातें करते रहना भी नहीं भाता था। उसने सोचा ऐसी दुनिया में जीने का कोई मतलब नहीं।
मरना ही ठीक
उसने अपनी जान लेने की सोच ली। जान लेने के लिए उसने स्विटजरलैंड के मशहूर डिजिटनास क्लिनिट को चुना जहां उसने इच्छा मृत्यु दी जाती है।
वो वहां गई और अपनी वजह बताकर खुद को मार डाला। मरने से पहले उसने कहा कि टेक्नॉलोजी की ऐसी तेज रफ्तार जिंदगी में कहीं शांति नहीं है और इसलिए वो ऐसी दुनिया से विदा लेना चाहती है।
महिला का नाम सुसेक्स था और वो 89 साल की थी।
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