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जब ममता ने जूते उतारकर डाला अपना वोट
रामपुर बुशहर।
Updated Mon, 05 Nov 2012 01:33 PM IST
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दिन रविवार, जगह रामपुर का गाहण पोलिंग बूथ। समय सुबह साढ़े नौ बजे। एक महिला बीएलओ से पर्ची लेने के बाद बूथ के पास पहुंचती है और अपने जूते उतारकर अंदर प्रवेश करती है। वोट डालने के बाद जब वह वापस जाने लगती है तो किसी ने पूछ लिया कि जूते उतारकर वोट क्यों डाला तो वह तपाक से बोलीं कि मतदान करना किसी पुण्य से कम नहीं है। इसलिए, उन्होंने नेक कार्य को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ किया।
जूते उतारकर मतदान करने वाली महिला का नाम ममता (26) पत्नी दलीप सिंह, गांव दारजा (गाहण) है। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने गाहण स्थित पोलिंग बूथ पर वोट डाला। विधानसभा चुनाव के लिए तैनात सेक्टर अधिकारी एसडीओ (विद्युत बोर्ड) कुक्कू शर्मा ने जूते उतारकर महिला द्वारा वोट डालने की पुष्टि की है। विस चुनाव हों या आम चुनाव या फिर पंचायत चुनाव, पहली बार किसी ने इतनी श्रद्धा के साथ महापर्व में हिस्सा लिया। ऐसा कर महिला ने न केवल एक तरह से इतिहास बनाया, बल्कि यह दूसरों के लिए एक सीख भी है। इस महिला के उत्साह एवं लोकतंत्र के प्रति आस्था से सबको सीख लेनी चाहिए। खासकर, उन युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए, जो वोट न डाल कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल ही नहीं होना चाहते।
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जूते उतारकर मतदान करने वाली महिला का नाम ममता (26) पत्नी दलीप सिंह, गांव दारजा (गाहण) है। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने गाहण स्थित पोलिंग बूथ पर वोट डाला। विधानसभा चुनाव के लिए तैनात सेक्टर अधिकारी एसडीओ (विद्युत बोर्ड) कुक्कू शर्मा ने जूते उतारकर महिला द्वारा वोट डालने की पुष्टि की है। विस चुनाव हों या आम चुनाव या फिर पंचायत चुनाव, पहली बार किसी ने इतनी श्रद्धा के साथ महापर्व में हिस्सा लिया। ऐसा कर महिला ने न केवल एक तरह से इतिहास बनाया, बल्कि यह दूसरों के लिए एक सीख भी है। इस महिला के उत्साह एवं लोकतंत्र के प्रति आस्था से सबको सीख लेनी चाहिए। खासकर, उन युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए, जो वोट न डाल कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल ही नहीं होना चाहते।
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