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अनोखा पंचायती फरमान, बीवी को मानो बहन

Sat, 02 Feb 2013 10:03 AM IST
हिसार/अमर उजाला ब्यूरो।
हिसार/अमर उजाला ब्यूरो। Updated Sat, 02 Feb 2013 10:03 AM IST
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khap panchayat order say wife to sister
इंसानी रिश्ते समझबूझ से बंधे हैं। हर रिश्ते का अपना महत्व है। लेकिन क्या हो जब किसी से कहा जाए कि बीवी को बहन बना ले। संभव नहीं लगता लेकिन हिसाल में पंचायत ने ऐसा ही अजीबोगरीब फैसला सुनाया है जिसे सुनकर एक व्यक्ति के होश उड़ गए हैं।
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जिले के गांव बिठमडा में आठ माह पहले प्रेम विवाह करने वाले युवक पर अब गांव के सरपंच, युवक के पिता और कुछ रिश्तेदार गौत्र विवाद के कारण पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रहे हैं। पंचायत ने तो उसे यह फरमान सुना दिया है कि वह अपनी पत्नी को बहन मान ले और उससे सारे संबंध तोड़ दे।
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लोगों के दबाव और धमकियों के चलते पत्नी सहित गांव छोड़कर उकलाना में रह रहे उक्त युवक ने अब आईजी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। आईजी अश्विंदर चावला ने इस शिकायत पर छानबीन शुरू कर दी है।
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रोहतक जिले के सांपला की एक लड़की से प्रेम विवाह करने वाले ज्योति प्रकाश ने हिसार के आईजी को शिकायत देकर गांव के सरपंच और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस को दी शिकायत में उसने कहा है कि प्रेम विवाह के बाद से कई लोग और उसके पिता गोत्र विवाद के चलते उसे परेशान कर रहे हैं। इसी कारण से उसने अपनी पत्नी सहित गांव छोड़ दिया है। गांव घुसने पर उसे जान से मार देने की धमकी दी जा रही है। कुछ परिजनों, सरपंच और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि वे उन्हें गांव में घुसने नहीं देंगे। यही नहीं युवक ने लिखित में आरोप लगाया है कि उस पर पत्नी को बहन बनाए जाने का दबाव बनाया जा रहा है।


अमर उजाला से बातचीत करते हुए ज्योति प्रकाश ने बताया कि उसकी मां और भाई उसके साथ हैं और वह उन्हें ही मिलने के लिए कई बार गांव जाता है लेकिन जैसे ही उसके पिता और अन्य लोगों को उसके गांव पहुंचने की जानकारी मिलती है, वे उसे धमकियां देने लगते हैं। आईजी को दी गई शिकायत के अलावा युवक ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को प्रति भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। गांव बिठमडा के सरपंच बलशेर सिंह का कहना है कि यह मसला युवक तथा उसके परिजनों के बीच है। अन्य ग्रामीणों और सरपंच पर आरोप निराधार है। ज्योति के मामले से ग्रामीणों और पंचायत का कोई लेना-देना नहीं है।
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