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आपकी जेब में बैठा है आपका सबसे बड़ा दुश्मन

Wed, 26 Sep 2012 12:51 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Wed, 26 Sep 2012 12:51 PM IST
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Influenza virus in infectious in pocket
आप खुद को कितना भी हाइजेनिक रख लें लेकिन फिर भी इनफेक्शन के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में जरूरत है अपनी जेब को टटोलने की। जी हां, हो सकता है कि इन्फेक्शन फैलाने वाला वायरस आपकी जेब में छिपा बैठा हो। हम बात कर रहे हैं रुपए अर्थात नोटों की जो आपकी जेब के जरिए संक्रमण फैला रहे हैं। बदलते मौसम के इस समय में नोट भी इन्फेक्शन फैला रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि रुपयों का लेन-देन करते समय कुछ सावधानियां रखें। पुराने नोट एक आदमी से दूसरे के बीच बैक्टीरिया केरियर का काम भी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा बीमारियां 10, 20, 50 व 100 रुपये के नोट फैला रहे हैं। ये एक ही दिन में कई हाथों से गुजरते हैं। लोग नोट को जेब में रख लेते हैं या गिनते समय मुंह में दबा लेते हैं। इससे नोट में बैक्टीरिया को पनपने के लिए पर्याप्त नमी भी मिल जाती है।
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जेब में बीमारियां
  बैक्टीरिया            बीमारी
1. स्टैफीलोकोकाई -हाथों में सूजन व रैडनेस आ जाती है।
2. माइक्रोकोकाई- जख्मों में संक्रमण और पस पैदा करता है।
3. न्यूमोनिया - कफ, हल्का दिल का दौरा पड़ने की भी संभावना बढ़ा देता है।
4. ई कोलाई - डायरिया, एनिमिया व किडनी फेल्योर
5. स्यूडोमोनास - यूरीनरी ट्रैक इफेक्शन, बोन व ज्वाएंट इंफेक्शन, रेस्पीरेटरी स्सिटम पर असर डालता है।
6. एस. टायफाई - टायफाइड और हाइफीवर का कारण बनता है।
7. बैकीलाई - यूरीन में इंफेक्शन
8. सैप्रोफाइट्स - स्किन, नाखून व बालों में फंगस इन्फेक्शन पैदा करता है।
9. इंटीरोकोकाई - पेट खराब करता है और दस्त लग जाते हैं।
9. लाइसीरिया - यौन रोगों का कारण बनता है।
12. प्रोटीयस स्पीसिस - यूरीन में इंफेक्शन पैदा करता है।
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