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पैदा होते ही मशहूर हो गया 'पूंछ वाला बच्चा'
वाराणसी।
Updated Fri, 22 Feb 2013 10:15 AM IST
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कहते हैं कि कुछ बच्चे अपने भाग्य में लोकप्रियता लिखवा कर लाते हैं। ऐसे ही मामले में पूंछ के साथ पैदा हुआ बच्चा लोकप्रियता का सबब बन गया है। वाराणसी भोजूबीर स्थित एक निजी अस्पताल में एक महिला ने पूंछ वाले बच्चे को जन्म दिया है। बच्चा स्वस्थ है तथा हर नवजात की तरह वह मां का दूध भी पी रहा है लेकिन इस उसके माता पिता चिंतित हैं। इस अत्यंत जटिल प्रकरण पर देश के प्रसिद्ध जीनोम वैज्ञानिक और बीएचयू के कुलपति डा. लालजी सिंह शोध करेंगे।
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रीढ़ के नीचे मिली पूंछ
फूलपुर के खालिसपुर की एक महिला को मंगलवार को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने भोजूबीर स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। महिला ने आपरेशन से बुधवार की शाम एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के बाद डा. रीना सिंह ने उसके रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में पूंछ होने की जानकारी उसके परिजनों को दी तो वे चितिंत हो गए। डाक्टर ने बच्चे का चेकअप कर पाया कि वह पूर्णत: स्वस्थ है।
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निकाली भी जा सकती है पूंछ
एक तरफ शोधार्थी बच्चे की पूंछ पर शोध करना चाह रहे हैं तो दूसरी तरफ डॉक्टरों का कहना है कि कुछ समय बाद ऑपरेशन करके बच्चे की पूंछ शरीर से अलग की जा सकती है। दरअसल बच्चे के माता पिता का डर देखकर डा. रीना सिंह ने कहा है कि कुछ दिनों बाद पूंछ को आपरेशन कर निकाला जा सकता है।
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पहले भी पैदा हो चुका है पूंछ वाला बच्चा
इससे पहले भी पूंछ वाला बच्चा पापुलर हो चुका है। 2001 में यह बच्चा चर्चा में आया था जिसे बजरंगबली का नाम दिया गया था। 2004 में कंबोडिया में भी पूंछ के साथ बच्चा पैदा हुआ था।
आखिर क्यों निकली है पूंछ
बीएचयू के कुलपति डा. लाल सिंह का कहना है कि बच्चे में पूंछ निकलना डेवलपमेंट डिफेक्ट है। प्रत्येक बच्चे में पूंछ वाला जीन होता है लेकिन गर्भ में शारीरिक संरचना बनते समय उस जीन का विकास नहीं हो पाता है। उस बच्चे में वह जीन विकसित होने से पूंछ निकल आई है। मानव में पूंछ का जीन होना यह प्रतीत करता है कि उसकी उत्पत्ति ऐसे जानवर से हुई है जिसकी पूंछ है। अब तक के शोध में पता चला है कि यह जानवर चिंपैजी है। इस बच्चे पर शोध किया जाएगा जिससे पता लगाया जा सके कि जीन का विकास क्यों और कैसे हुआ।