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जानते हैं, कैसे बनती है सेब से शराब?
Updated Thu, 26 Dec 2013 11:33 AM IST
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'साइडर' सेब से तैयार की गई शराब को कहते हैं। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। कनाडा के क्यूबेक प्रांत के एक छोटे से शहर फ़्रेलिग्सबर्ग में 430 एकड़ में ये बगीचा फैला हुआ है जहाँ 'आईस साइडर' तैयार की जाती है।
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कुदरत की मेहरबानी
'आईस साइडर' तैयार करने के लिए सेबों को कुदरत की मेहरबानी पर छोड़ दिया जाता है और लंबे समय तक उस मौसम का इंतज़ार किया जाता है जब तापमान शून्य से आठ से 15 डिग्री तक नीचे चला जाता है। इस मौसम में तोड़े गए सेबों से जूस तैयार किया जाता है और फिर उन्हें खुद ब खुद जमने के लिए छोड़ दिया जाता है।
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रखना पड़ता है खास ख्याल
गिलीज़ इस सेब के बगीचे के मैनेजर हैं। वे हर रोज़ दो पेड़ों के सेब चुनते हैं। इस बात का ख़ास ख़्याल रखते हैं कि सेबों के साथ बर्फ़ ना रहे। इससे शराब में पानी का अंश मिल सकता है। गिलीज़ पिछले दो महीने से लगातार ये काम कर रहे हैं।
लग जाता है दो साल का समय
गिलीज़ ने इस मौसम में अकेले ही सैंकड़ों पेड़ों से हज़ारों फल चुने हैं। 'आईस साइडर' को पूरी तरह से तैयार करने में दो साल लग जाते हैं। गिलीज़ कहते हैं कि तापमान जितना कम होगा इसकी मिठास उतनी ही बढ़ती जाती है। इस सिलसिले में कोर्टलैंड प्रजाति के सेव सबसे बेहतर माने जाते हैं जो पेड़ों पर लंबे समय तक टिकते हैं।
90 के दशक से बन रही है ये शराब
लेकिन कोर्टलैंड सेबों के अलावा और भी प्रजातियाँ हैं जिनका आईस साइडर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। क्यूबेक प्रांत में सेब से शराब बनाने का काम 90 के दशक के आखिर में शुरू हुआ था। क्यूबेक में बनने वाली आईस साइडर फिलहाल दुनिया के 60 देशों में बेची जा रही है।
जितना ठंडा उतना मीठा
क्यूबेक की आईस साइडर अपनी गुणवत्ता के मानकों के लिए भी जानी जाती है। इसे मीठा करने के लिए प्राकृतिक रूप से ठंडा करने के अलावा और कोई तरीका नहीं अपनाया जाता। स्वाद या रंग के नाम पर भी कोई अतिरिक्त चीज नहीं मिलाई जा सकती। इतना ही नहीं शराब बनाने वाली कंपनी ही सेबों का उत्पाद भी करेगी।
गुणवत्ता के मानक से समझौता नहीं
क्यूबेक के स्थानीय शराब उद्योग के लिए ऐसे कई गुणवत्ता मानक हैं जिनका पालन यहाँ के उत्पादकों के लिए करना होता है।