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हैप्पी बर्थडे ’इंटरनेट’, बदल दी जिंदगी
Updated Thu, 03 Jan 2013 11:46 AM IST
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नए साल के जश्न के साथ टेकफ्रेंडली लोगों के लिए खुशी का एक मौका और भी है। तकनीक की दुनिया में क्रांति लाने वाला इंटरनेट पूरे 30 साल का हो गया है। इस लंबे सफर में इंटरनेट ने दुनिया भर में अरबों
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लोगों की जिंदगी और काम करने के तरीके को ही बदल दिया।
कंप्यूटर नेटवर्क की तकनीकी क्रांति की शुरुआत 1 जनवरी 1983 को हुई थी। यही वह वक्त था, जब पुराने सभी नेटवर्किंग सिस्टम को पीछे छोड़ इंटरनेट ने अपनी जगह बनाई थी। इसी समय यूएस डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस के बनाए अर्पानेट नेटवर्क की जगह इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट(आईपीएस) का इस्तेमाल किया जाने लगा। कंप्यूटर को आपस में जोड़ने वाले ‘पैकेट स्विचिंग’ के इस नए तरीके ने ही वर्ल्ड वाइड वेब के लिए भी दरवाजे खोल दिए। जानकारों की मानें तो बेशक इंटरनेट ने नेटवर्किंग के एक बिल्कुल नए और बेहतर तरीके को पेश किया, लेकिन इसमें अर्पानेट की भी अहम भूमिका है।
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वेल्स के वैज्ञानिक डोनाल्ड डेविस के डिजाइंस पर आधारित अर्पानेट नेटवर्क की शुरुआत 1960 में एक मिलिट्री प्रोजेक्ट के तौर पर की गई थी। इसे अमेरिका की जानी-मानी यूनिवर्सिटीज और लेबोरेटरीज में विकसित किया गया। इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया, लॉस एंजेल्स और स्टेनफोर्ड रिसर्च इंस्टीटयूट शामिल हैं।
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1973 में आईपीएस और ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल(टीसीपी) टेक्नोलॉजी पर काम की शुरुआत की गई। यहीं से मास कम्युनिकेशन के तौर-तरीकों को बदल कर रख देने वाली नई तकनीक को राह मिली। इसके बाद नेटवर्क कंट्रोल प्रोग्राम(एनसीपी) की जगह इस्तेमाल करने के लिए नए सिस्टम को डिजाइन किया गया।
1 जनवरी, 1983 को पुराने सिस्टम की जगह नए इंटरनेट प्रोटोकॉल ने ले ली और इस तरह हमारे सामने आयी वह तकनीकी क्रांति, जिसने दुनिया को एक नए आकार में ढालना शुरू कर दिया। इंटरनेट की शुरुआत के ऐतिहासिक मौके पर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी मैग्जीन में इलैक्ट्रॉनिक्स के संवाददाता क्रिस एडवार्ड्स ने कहा था, ‘इंटरनेट का मतलब है अब दुनिया में ऐसा कुछ नहीं है, जहां तक आसानी से न पहुंचा जा सके।’