{"_id":"c2897b1a-022e-11e2-a185-d4ae52ba91ad","slug":"hair-eating-disorder-girl","type":"story","status":"publish","title_hn":"इतने बाल खा लिए कि खाना पीना भूल गई...","category":{"title":"Bizarre News Archives","title_hn":"हटके खबर आर्काइव","slug":"bizarre-news-archives"}}
इतने बाल खा लिए कि खाना पीना भूल गई...
नई दिल्ली
Updated Wed, 19 Sep 2012 01:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपके गले में एक बाल चला जाए तो आपका जीना मुश्किल हो जाता है। लेकिन एक लड़की ऐसी है जो पिछले छह साल से बाल खा रही थी। मानसिक रूप से बीमार कही जाने वाली यह लड़की इतने बाल खा चुकी कि उसका खाना पीना दुश्वार हो गया। हालांकि डॉक्टरों की एक टीम ने ओपन सर्जरी कर इस लड़की के पेट में से 1.8 किलोग्राम बाल निकाल दिए। खास बात ये है कि लड़की बाल के अलावा चॉक (क्लासरूम में बोर्ड पर लिखने वाला) और स्लेटी भी खाया करती थी। इससे उसके पेट में बाल और चॉक का डेढ़ किलो का गोला बन गया।
मामला इंदौर का है। यहां एमवाई अस्पताल में डॉ परविंदर सिंह लुबाना के नेतृत्व में गैस्ट्रो सर्जन की टीम ने इस ऑपरेशन को किया। डॉ परविंदर का दावा है कि ऐसा बहुत ही कम होता है जब किडनी के चारों और इतने ज्यादा चाक और बाल लिपटे हों। बालों की इस बॉल को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है। मध्यप्रदेश के राजगढ़ की रहने वाली इस लड़की को अपने बाल और क्लासरूम में चाक खाने की आदत थी। आंत में बाधा होने से पिछले दो दिनों से लड़की कुछ खा या पी भी नहीं पा रही थी।
दरअसल यह किशोरी काफी समय से ट्राइकोफेजिया से पीडि़त थी। इस मानसिक बीमारी में मरीज अपने ही सिर के बाल खाने लगता है। डॉक्टरों को भी उम्मीद नहीं थी कि यह किशोरी इतनी बड़ी मात्रा में अपने बालों को खा जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला इंदौर का है। यहां एमवाई अस्पताल में डॉ परविंदर सिंह लुबाना के नेतृत्व में गैस्ट्रो सर्जन की टीम ने इस ऑपरेशन को किया। डॉ परविंदर का दावा है कि ऐसा बहुत ही कम होता है जब किडनी के चारों और इतने ज्यादा चाक और बाल लिपटे हों। बालों की इस बॉल को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है। मध्यप्रदेश के राजगढ़ की रहने वाली इस लड़की को अपने बाल और क्लासरूम में चाक खाने की आदत थी। आंत में बाधा होने से पिछले दो दिनों से लड़की कुछ खा या पी भी नहीं पा रही थी।
विज्ञापन
दरअसल यह किशोरी काफी समय से ट्राइकोफेजिया से पीडि़त थी। इस मानसिक बीमारी में मरीज अपने ही सिर के बाल खाने लगता है। डॉक्टरों को भी उम्मीद नहीं थी कि यह किशोरी इतनी बड़ी मात्रा में अपने बालों को खा जाएगी।
विज्ञापन