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सलाखों के बीच होगा खुशबू का कारोबार, फैलेगी महक

Fri, 16 Nov 2012 11:52 AM IST
फर्रुखाबाद/अखिलेश कुमार।
फर्रुखाबाद/अखिलेश कुमार। Updated Fri, 16 Nov 2012 11:52 AM IST
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gulab jal will made in central jail

सेंट्रल जेल में अब गुलाब जल भी बनेगा। इसके लिए प्रस्ताव अंतिम चरण में है। लगभग डेढ़ सौ साल पुरानी इस जेल में पहली मर्तबा खुशबू का कारोबार शुरू होने जा रहा है। जेल में पिछले साल ही गुलाब की खेती शुरू हुई है। सबसे पुराना काम तंबू, दरी, लोहे के तसले बनाने का है। वर्ष 1882 में इसे अंग्रेजों ने शुरू कराया था।

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गुलाब जल आसवन का काम बंदियों के हवाले रहेगा। पुराने ब्रांडों की लोकप्रियता को देखते हुए जेल प्रशासन को इसके भी हिट होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट का बजट करीब 3 लाख रुपये है। 2011-2012 में जेल प्रशासन ने गुलाब की खेती शुरू कराई है। अभी एक एकड़ में गुलाब बोया गया है। सालाना पैदावार 1000 किलो है। इसे बेचने के लिए कन्नौज ले जाया जाता है। जेल के वरिष्ठ अधीक्षक यादवेंद्र शुक्ला का कहना है कि  जेल में ही गुलाब जल बनाने का मसौदा बनाया गया है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद खेती का रकबा बढ़ा दिया जाएगा। इस समय 50 एकड़ में खेती हो रही है। 30 एकड़ में आलू बोया गया है। 10 एकड़ में सब्जी है। 10 एकड़ में गेहूं व अन्य फसलें बोई जाती हैं।
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शहर में गुलाब जल सालाना एक से डेढ़ लाख रुपये का कारोबार है। आंखों के अलावा लस्सी, मिठाई, क्रीम, उबटन, फेसवॉश में भी इसका प्रयोग हो रहा है। इसमें सफलता मिली तो जेल में अगला कारोबार अगरबत्ती का शुरू होगा।
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