लड़कों की हवस उसे खेलने नहीं देती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने देश में लड़कियों के संघर्ष की बहुत सी कहानियां आपने सुन रखी होंगी लेकिन बाहर की दुनिया भी इससे अछूती नही है।
डेली मेल की खबर के अनुसार, जॉर्जिया में एक 12 साल की लड़की को फुटबॉल टीम से सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि वो लड़की है। स्कूल ने इसके पीछे जो कारण दिया है वो वाकई चौंकाने वाला है।
स्कूल का कहना है कि 12 साल की मैडी पेज इस टीम में नहीं रह सकती क्योंकि टीम के बाकी लड़के उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहते हैं।
वहीं दूसरी ओर मैडी की मां ने प्रशसन को दोबारा से अपने फैसले पर विचार करने को कहा है। हालांकि ये सबकुछ पहले ऐसा नहीं था। मैडी ने जब फुटबॉल टीम ज्वाइन की थी कि तो सब उसे काफी मदद करते थे लेकिन बाद धीरे-धीरे सबकुछ बदलने लगा।
उसके बाद एक दिन सकूल प्रशासन ने साफ कह दिया कि अब वो इस टीम में और नहीं खेल सकती क्योंकि टीम के लड़के उसे लेकर सही सोच नहीं रखते।
मैडी इस फैसले से काफी दुखी है और उसका कहना है कि फुटबॉल खेलना उसकी जिंदगी जिंदगी का लक्ष्य है। जिसे इस फैसले ने रौंद दिया।