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रहिए तैयार, इस शनिवार आकाश में होगी तारों की आतिशबाजी
इंटरनेट डेस्क/नैनीताल।
Updated Tue, 16 Oct 2012 01:11 PM IST
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अगर आप दीपावली से पहले ही आसमान में आतिशबाजी देखना चाहते हैं तो तैयार हो जाइए। शनिवार को सूर्योदय से पहले आकाश में तारों की जबरदस्त आतिशबाजी देखने को मिलेगी। खगोलीय घटनाओं के क्रम में शनिवार व रविवार कों आकाश में ओरियोनिडस मेटियोर शावर की घटना होने जा रही है। इसके तहत आकाश में उल्कापात का नजारा दिखेगा। 21 को प्रति घंटे 20 उल्कापात होने की संभावना है।
वैज्ञानिकों के अनुसार शनिवार को सूर्यादय से पहले का नजारा खगोल प्रेमियों के लिए खास होगा। खगोल प्रेमी ओरियोनिड्स मेटियोर शावर यानी आकाश से उल्कापात की वर्षा का नजारा खुली आंखों से देख सकते हैं। दो दिन तक होने वाले इस घटना में 21 अक्तूबर को प्रति घंटे 20 उल्कापात होने की संभावना है।
एरीज विज्ञान केंद्र के समन्वयक रवींद्र कुमार यादव का कहना है कि आईपी हैली कामेट द्वारा छोड़े गए धूल, कण व मलवे से जब पृथ्वी टकराती है तो पृथ्वी से हुई टक्कर में वे मलवे जल उठते है। और इन मलवों के जलने पर हमे आकाश में तारो की आतिशबाजी दिखाई देती है। इस घटना को ओरियोनिड्स मेटियोर शावर कहते हैं। श्री यादव बताते हैं कि ओराइन सर्दियों का बेहद चमकीला कांस्टिलेशन माना जाता है। ओराइन कांस्टिलेशन से आने के कारण एस्ट्रोनार्मर ने इसे ओरियोनिड्स का नाम दिया है। उनके अनुसार शनिवार को सूर्योदय से पूर्व एक साथ आकाश से तारों की आतिशबाजी की घटना खगोल प्रेमियों के लिए एकदम दिलचस्प होगी।
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वैज्ञानिकों के अनुसार शनिवार को सूर्यादय से पहले का नजारा खगोल प्रेमियों के लिए खास होगा। खगोल प्रेमी ओरियोनिड्स मेटियोर शावर यानी आकाश से उल्कापात की वर्षा का नजारा खुली आंखों से देख सकते हैं। दो दिन तक होने वाले इस घटना में 21 अक्तूबर को प्रति घंटे 20 उल्कापात होने की संभावना है।
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एरीज विज्ञान केंद्र के समन्वयक रवींद्र कुमार यादव का कहना है कि आईपी हैली कामेट द्वारा छोड़े गए धूल, कण व मलवे से जब पृथ्वी टकराती है तो पृथ्वी से हुई टक्कर में वे मलवे जल उठते है। और इन मलवों के जलने पर हमे आकाश में तारो की आतिशबाजी दिखाई देती है। इस घटना को ओरियोनिड्स मेटियोर शावर कहते हैं। श्री यादव बताते हैं कि ओराइन सर्दियों का बेहद चमकीला कांस्टिलेशन माना जाता है। ओराइन कांस्टिलेशन से आने के कारण एस्ट्रोनार्मर ने इसे ओरियोनिड्स का नाम दिया है। उनके अनुसार शनिवार को सूर्योदय से पूर्व एक साथ आकाश से तारों की आतिशबाजी की घटना खगोल प्रेमियों के लिए एकदम दिलचस्प होगी।
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