फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Bizarre News Archives ›   germany_cannibal_arrest

'उसका सपना था कि कोई उसे मारे और खा जाए'

Sat, 30 Nov 2013 11:59 AM IST
Updated Sat, 30 Nov 2013 11:59 AM IST
विज्ञापन
germany_cannibal_arrest

जर्मनी के ड्रेसडन शहर में पुलिस का कहना है कि उसने एक 55 वर्षीय पुलिस अधिकारी को एक व्यक्ति की हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया है। मृत व्यक्ति का शव पूर्वी जर्मनी की पहाड़ियों में मिला था।

विज्ञापन


जांचकर्ताओं का मानना है कि इन दोनों व्यक्तियों की मुलाकात इंटरनेट के ज़रिए हुई थी और ये दोनों ही शायद नरभक्षी थे और जादू-टोने में विश्वास रखते थे।

जब कुत्तों ने ओढ़ा अपने मालिकों का चोगा

संदिग्ध व्यक्ति ने हालांकि मृत व्यक्ति के शरीर के अंगों को खाने से इनकार किया है लेकिन उसका कहना है कि उसने दूसरे व्यक्ति की हत्या उसके कहने पर ही की है।
विज्ञापन


दिमाग में चोट लगी और बच्चा बन गया 'कुत्ता'

मृत व्यक्ति हैनोवर में रहता था और पिछले कुछ समय से गायब था।

पुलिस का कहना है कि उसे मार डाला गया और उसके बाद उसके शरीर के कई टुकड़े कर दिए गए। उसके बाद बाकी बचे शरीर को पहाड़ी क्षेत्र में जमीन में गाड़ दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेक्स के दौरान टूटा बेड, लगा जुर्माना

हत्या का अभियुक्त इसी क्षेत्र का रहने वाला है।

फोरेंसिक विशेषज्ञ

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान डेटलेफ जी नाम से हुई है जो कि सैक्सोनी राज्य में फोरेंसिक विभाग में काम करता है। जर्मन मीडिया का कहना है कि इस व्यक्ति को लिखावट पहचानने में महारत हासिल है।

पुलिस का कहना है कि मृत व्यक्ति के शरीर के अंग गायब थे और बहुत संभव है कि उन्हें खाया गया हो।

ड्रेसडेन पुलिस के प्रमुख डीटर क्रोल ने पत्रकारों को बताया कि 'मृत व्यक्ति जवानी से ही अपनी हत्या और फिर खाए जाने के बारे में सोचता था।'

छोटे लिंग की वजह से गर्लफ्रेंड नहीं बनीं दुल्हन

इन दोनों व्यक्तियों की मुलाकात चार नवंबर को रेलवे स्टेशन पर हुई थी और मुलाकात के कुछ ही देर बाद 59 वर्षीय उस व्यापारी की चाकू से हत्या कर दी गई।

गिरफ्तार पुलिस अधिकारी ने आंशिक रूप से हत्या की बात स्वीकार की है और जांचकर्ताओं को मृत व्यक्ति के शरीर के हिस्सों को ढूंढ़ने में मदद की है।

जब कुत्तों ने ओढ़ा अपने मालिकों का चोगा

माना जा रहा है की इन दोनों व्यक्तियों की इससे पहले कभी मुलाकात नहीं हुई थी।

इस मामले की तुलना साल 2011 में पश्चिमी जर्मनी के रोटेनबर्ग में हुई एक हत्या से की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed