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ऐसी नींद कि जगाने के लिए बुलानी पड़ी फायर ब्रिगेड
इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 07 Aug 2013 03:31 PM IST
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आपने कुभकर्ण की नींद के बारे में सुना होगा, जो छह महीने सोता था और छह महीने जगता था लेकिन ये लड़की भी कुंभकर्ण से कम नहीं है। जिसे जगाते-जगाते उसके माता-पिता की जान गले तक आ गई।
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फ्लैट में 12 साल की बेटी अकेली थी और माता-पिता शाम को पैदल घूमने निकल पड़े। लौटे तो बेटी कमरे का दरवाजा बंद करके सो रही थी। बेटी को जगाने की लाख कोशिश की लेकिन वो नहीं जगी। मां-बाप इस कदर परेशान हो गए कि उसे जगाने के लिए फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी।
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इतनी देर हो गई लेकिन बच्ची नहीं जगी। बाद में फायर ब्रिगेड ने सीढ़ी लगाकर तीसरी मंजिल पर सो रह लड़की के कमरे में दाखिल होकर उसे उठाया।
इंदौर में बांबे अस्पताल के पास ही मनीष तिवारी का घर है। शाम को मनीष, अपनी बीवी के साथ घूमने निकल पड़ा लेकिन उनकी 12 साल की बेटी क्रमिका उनके साथ नहीं गई। जब मनीष और उनकी पत्नी घूमकर लौटे तो क्रमिका कमरे में सो चुकी थी।
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मनीष और उनकी बीवी कई घंटों तक दरवाजा खटखटाते रहे लेकिन बच्ची इतनी गहरी नींद में थी कि नहीं जागी। मुसीबत ये थी कि दरवाजे के अलावा खिड़की से अंदर नहीं जाया जा सकता था। क्रमिका को उठाने के सारे जतन करके ता-पिता हार गए। पड़ोसियों की मदद भी की, लेकिन वह बेखबर सोती रही।