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कलयुगी मां बाप, रोज रात बेटी को पिलाते थे...

Tue, 12 Mar 2013 11:10 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क। Updated Tue, 12 Mar 2013 11:10 AM IST
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Drug addict parents sedated daughter every night 'to catch up on their sleep'

हर मां अपने छोटे बच्चे के लिए रातों की नींद खराब करती है। लेकिन एक मां

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बाप को अपनी रात की नींद इतनी प्यारी हो गई कि उन्होंने अपनी नन्ही जान की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर डाला। ये दंपति अपनी दो साल की बच्ची को रोज रात को ड्रग्स पिला देते थे ताकि बच्ची रात में रोकर उनकी नींद न खराब करे। अदालत के हस्तक्षेप के बाद बच्ची को मां बाप से छीनकर उनके परिजनों को दे दिया है और दंपति पर बच्चे की जान के साथ खिलवाड़ का मामला दर्ज किया गया है।

अमेरिका के नेल्सवर्थ में ग्लोसेस्टर क्राउन कोर्ट में इस संबंध में सुनवाई करते हुए जज ने कहा कि यह शर्मनाक मामला है जिसमें ड्रग एडिक्ट मां बाप अपने आराम के लिए नन्ही बच्ची को रोज पेरासीटामोल मेडीसेड पिलाते थे। यह दवा आमतौर पर सर्दी जुकाम और बुखार से पीड़ित छह से 12 साल के बीच की उम्र के बच्चों को दी जाती है। लेकिन आराम भरी नींद के लिए मां बाप ये दवा अपनी दो साल की बच्ची को करीब एक साल से पिला रहे थे।
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डेली मेल के मुताबिक मामला तब खुला जब मां बाप ड्रग्स से छुटकारा पाने के लिए पुर्नवास केंद्र गए और उनके मुंह से ये राज खुल गया। मां बाप ने एक सोशल वर्कर के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही तो उसका मुंह खुला का खुला रह गया। इसके तुरंत बाद बच्ची को उसके परिचय की आंटी के सुपुर्द कर दिया गया और मां बाप के खिलाफ मुकदमा शुरू हुआ।
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बच्ची का मेडिकल कराने के बाद पता चला कि लगातार मेडीसेड के सेवन से बच्ची की प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो गई है और वो चिड़चिड़ी हो गई है। अदालत ने कहा कि यह तो शुरूआती परिणाम है, बच्ची को भविष्य में भी इन दवाओं का परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

अदालत में मां बाप ने स्वीकार किया कि वो रोज रात को अपनी बेटी को पेरासीटामोल मेडिसेड की डोज दिया करते थे ताकि बच्ची रात में उठकर परेशान न करे। यही नहीं साप्ताहंत के दौरान वो बच्ची को डबल डोज दिया करते थे। जज ने यह बयान सुनकर कहा कि अदालत ऐसे परिजनों को बच्चे की गलत परवरिश के साथ साथ बाल क्रूरता का भी दोषी मान सकती है।

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने बच्ची की मां को 18 महीने की और बच्ची के पिता को 12 माह की सजा सुनाते हुए कहा कि खुद ड्रग एडिक्ट रह चुके परिजनों को ये समझना चाहिए कि नन्ही बच्ची के साथ उन्होंने कितना शर्मनाक काम किया है।


अदालत ने कहा कि छोटे बच्चों के माता पिता की रात में नींद खराब होती है लेकिन यह प्रकृति का नियम है और हर मां बाप को बच्चों की देखभाल करनी पड़ती है। लेकिन अगर मां बाप ही अपनी नींद के लगाव में बच्चों के साथ ऐसी हरकत करें तो उन्हें माफी नहीं दी जा सकती।

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