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दूर हुई चांद पर पहला कदम रखने वाले की गलती
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 06 Jun 2013 12:01 PM IST
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आपको नील आर्मस्ट्रांग की वो चर्चित लाइन याद है जिसके आधार पर हमेशा कहा जाता था कि उनका ग्रामर यानी व्याकरण कमजोर था। लेकिन अब ये साबित हो गया है कि नील ग्रामर में कमजोर नहीं थे बल्कि उच्चारण के चलते उनका 'ए' खो गया था।
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चांद की सतह पर पहली बार कदम रखने वाले नील ने इस उपलब्धि को दुनिया ने कुछ इस तरह सुना था, 'That’s one small step for man, one giant leap for mankind' (मानव का ये छोटा कदम, पूरी मानव जाति के लिए एक बड़ी छलांग साबित होगा)।
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इसके आधार पर आलोचकों का कहना था कि उन्हें ग्रामर नहीं आती और उनके वाक्य में 'ए' नहीं है। खुद नील ने भी इस पर कई बार सफाई दी थी लेकिन इस बार विशेषज्ञों को नील का खोया हुआ 'ए' मिल गया है।
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मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर इस ऐतिहासिक वाक्य पर शोध किया और पाया कि नील ने जो भी कहा था वो ग्रामर की तर्ज पर पूरी तरह से सही था।
दरअसल ओहायो में 'for' शब्द 'for a' की तरह बोला जाता हे। इसलिए सुनने वालों को लगा कि नील ने 'ए' बोला ही नहीं। नील के 'ए' का उच्चारण इतना छोटा था कि ये भ्रम फैल गया कि नील को ग्रामर नहीं आती।