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गजब, एक दिन में 23 किलो दूध दे रही है 'वृंदावनी'
बरेली/शालिनी वाजपेयी।
Updated Tue, 05 Mar 2013 10:56 AM IST
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आमतौर पर गाय सात से आठ किलो दूध प्रतिदिन देती हैं। लेकिन दूध की बढ़ती मांग को देखते हुए गाय की एक नई ब्रीड तैयार की गई है जो एकदिन में 23 किलो दूध देगी। देशी और विदेशी नस्ल के गुणों से तैयार की गई ‘वृंदावनी’ नाम की ये गाय आम गायों से छह गुणा ज्यादा दूध दे रही है। इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) ने सिंथेटिक क्रॉस से यह गाय तैयार की है जिसकी कीमत 25 हजार से 50 हजार रुपये तक रखी गई है।
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‘वृंदावनी’ प्रोजेक्ट के हेड आईवीआरआई के पशुधन प्रबंधन अनुभाग के प्रभारी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि सन् 2006 से इस प्रोजेक्ट पर लगातार चल रही रिसर्च के बाद अब सुखद नतीजे सामने आने लगे हैं। ‘वृंदावनी’ में 75 फीसदी गुण विदेशी ब्रीड के और 25 फीसदी गुण देसी ब्रीड के हैं।
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पहले चरण में ‘वृंदावनी’ से 3500 किलो दूध प्रति म्याद (वह अवधि जिस दौरान गाय दूध देती है) मिला। इसकी देखभाल भी आसान नहीं थी। बतौर, डॉ. भूषण-शुरुआती नतीजे ज्यादा उत्साहवर्धक न होने के बावजूद हमने हार नहीं मानी और इसकी नस्ल लगातार उन्नत करने की कोशिश जारी रखी। नतीजा सामने है अब ‘वृंदावनी’ गाय प्रति म्याद 7000 किलोग्राम दूध दे रही है। ‘वृंदावनी’ में म्याद करीब 300 दिन की होती है। यानी यह गाय हर रोज करीब 23 किलो दूध दे रही है, जबकि देसी नस्ल की सामान्य गाय एक दिन में चार किलो ही दूध देती हैं।
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गाय का नाम फिलहाल तो वृंदावनी रखा गया है लेकिन इसी साल हरियाणा के करनाल में नेशनल ब्यूरो ऑफ एनीमल जेनेटिक रिसोर्सेस में इसका विधिवत नामकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आईवीआरआई में इसका पालन हो रहा है। प्रोजेक्ट के तहत इन्हें किसानों को भी दिया जा रहा है। पिछले साल किसान मेले में करीब 300 गायें बेची गईं।
गाय को पालना आसान नहीं
डॉ. भारत भूषण का कहना है कि ‘वृंदावनी’ गाय सामान्य ब्रीड की गायों की अपेक्षा काफी नाजुक होती हैं। इन्हें बीमारियां ज्यादा घेरती हैं। इसका रखरखाव कठिन होता है। यह अच्छी किस्म का दाना और चारा ही खाती हैं।
ऐसे जन्मी ‘वृंदावनी’
डॉ. भारत भूषण के मुताबिक पहले देसी ब्रीड हरियाना का विदेशी ब्रीड होलस्टीन फ्रीजियन, ब्राउन स्वीस और जरसी के साथ अलग-अलग क्रॉस करके क्रमश: एफएच, बीएच और जेएच ब्रीड तैयार की गई। इन ब्रीडों का आपस में क्रास करके एफबीएच, एफजीएच और एफबीजेएच ब्रीड तैयार की गईं। इसके बाद फिर एफबीएस, एफजीएच और एफबीजेएच का आपस में ही क्रॉस करा दिया और इस तरह नई ब्रीड ‘वृंदावनी’ का जन्म हुआ।