{"_id":"5cdadcfc-2fb3-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"chimpanzee-vs-human-imr-941-disclose-facts","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैसे हुआ हमारा विकास, खुल जाएंगे सारे राज","category":{"title":"Bizarre News Archives","title_hn":"हटके खबर आर्काइव","slug":"bizarre-news-archives"}}
कैसे हुआ हमारा विकास, खुल जाएंगे सारे राज
लंदन।
Updated Fri, 16 Nov 2012 11:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंसान पहले बंदर था ये बात तो काफी समय से कही जा रही है लेकिन बंदर से मानव रूप में कैसे विकसित हुआ, इसकी प्रक्रिया समझ नहीं आ रही थी। लेकिन अब अनुसंधानकर्ताओं ने एक नए जीन की खोज की है जो यह बता देगा कि हमारा विकास कैसे हुआ। वैज्ञानिकों का कहना है कि एमआईआर 941 जीन से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि चिम्पैंजी से मानव का विकास कैसे हुआ।
विज्ञापन
एमआईआर 941 नामक यह जीन सिर्फ मनुष्यों में पाया जाता है और मानव मस्तिष्क के विकास में इसकी अहम भूमिका रहती है। यह जीन औजारों और भाषा के उपयोग को सीखने की प्रक्रिया पर रोशनी डाल सकता है। एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के अनुसंधान कर्ताओं ने इस जीन की तुलना चिम्पैंजी, गोरिल्ला, चूहे और चुहिया सहित स्तनपायी प्राणियों की 11 अन्य प्रजातियों से की।
विज्ञापन
‘नेचर कम्युनिकेशन्स’ में प्रकाशित अध्ययन के नतीजों मे कहा गया है कि एमआईआर 941 की मदद से इस सवाल का जवाब खोजा जा सकता है कि अन्य स्तनपायी प्राणियों से मानव का शरीर अलग क्यों है। चिम्पैंजी और मानवों में अंतर का विश्लेषण करने के लिए पूर्व में किए गए अध्ययन में पाया गया था कि आनुवंशिकी के जिस विकास परक लाभ से मनुष्य को चिम्पैंजी की तुलना में लंबा जीवन जीने में मदद मिली।
विज्ञापन
वह वृद्धावस्था की बीमारियों जैसे दिल की बीमारी, कैंसर और डिमेंशिया के प्रति अत्यधिक संवेदनशील भी बनाता है। इंस्टीट्यूट ऑफ जेनेटिक्स एंड मॉलीक्युलर मेडिसिन में वैज्ञानिकों ने डा. मार्टिन टेलर की अगुवाई में बताया कि एमआईआर 941 की मानव मस्तिष्क के विकास में अहम भूमिका होती है और इसकी मदद से पता चल सकता है कि हम बोलना तथा औजारों का उपयोग कैसे सीखते हैं।