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घर से भागी एक लड़की, जो बन गई अरबपति

Tue, 12 Feb 2013 03:23 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क। Updated Tue, 12 Feb 2013 03:23 PM IST
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chanda jaweri life story when she fled form home
उसे विश्वास था कि उसकी किस्मत शादी करके घर और बच्चे संभालना नहीं बल्कि आसमान की ऊंचाइयों को छूना है। 17 साल की उम्र में घर से भागी चंदा आज अरबपति चुकी है। जो घरवाले उसे दुत्कारते थे, अब उसकी वजह से गर्व कर रहे हैं। बात हो रही है चंदा जावेरी की, जो 17 साल में घरवालों के जबरन शादी करने के दबाव में भाग गयी थी और अब वह 30 साल बाद एक अरबपति बनकर लौटी हैं।
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कोलकाता में 17 साल की उम्र में तीन साड़ी लेकर निकली यह लड़की आज की तारीख में एक सफल स्किन केयर कंपनी की सीईओ है। जावेरी कहती हैं कि उन्होंने अपनी मां को कई बार समझाया कि यह उनका रास्ता नहीं है पर वह नहीं मानी। वह कहती हैं कि मेरी मां ने मुझे धमकाया कि अगर मैंने शादी के लिए हामी नहीं भरी तो वह आत्महत्या कर लेंगी। चंदा के पास न पैसा था न और कुछ लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और बिना किसी डर के वह अपनी मंजिल की और बढ़ी। दूसरी ओर परिवार में उसका भाग जाना एक शर्म की तरह देखा जा रहा था। चंदा के भाई अरुण कुमार बताते हैं कि उस घटना के बाद परिवार को काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।
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पड़ोसियों ने परिवार का मजाक उड़ाया पर अब चंदा उसके समुदाय के लिए एक उदाहरण बन चुकी हैं। वह एक सफल मॉलिक्यूलर बायलॉजिस्ट बन चुकी हैं, जिसके पास चार पेटेंट हैं। वह अमेरिका की एक सफल स्किन केयर कंपनी की सीईओ हैं। चंदा ने बताया कि कलकत्ता के पार्क स्ट्रीट में एक विदेशी जोड़ा मिला था, जिसने उसे बोस्टन बुलाया और वहां पर उन्हें मदद का आश्वासन भी दिया।
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उस समय उनके पास हीरे की दो अंगुठियों के अलावा कुछ नहीं था। उन्हें बेच कर उसने ब्रिटिश एयरवेज से अपने बोस्टन जाने का इंतजाम किया। बोस्टन पहुंच कर चंदा ने बुजुर्ग महिलाओं के घर में मेड का काम किया। उनकी सेवा से खुश होकर और आगे पढ़ने की उनकी इच्छा जान कर चंदा की एक मालकिन ने उन्हें 30 हजार डॉलर का ईनाम दिया। इन पैसों से चंदा ने हार्वर्ड से मास्टर्स डिग्री ली। इसके बाद चंदा ने कैलिफॉर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी से नोबेल पुरस्कार विजेता केमिस्ट लायनस पॉलिंग के निर्देशन में बायोकेमिस्ट्री में अपना रिसर्च शुरू किया।
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