फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Bizarre News Archives ›   business turns the dead into diamond

अपने चले गए तो क्या वो हीरा हैं सदा के लिए

Tue, 02 Jul 2013 05:47 PM IST
नई दिल्ली/ इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/ इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 02 Jul 2013 05:47 PM IST
विज्ञापन
business turns the dead into diamond

इवा वु के बेटे की मौत जनवरी 2011 में ही हो गई थी लेकिन आज भी उन्होंने अपने बेटे के कमरे में कोई बदलाव नहीं किया है। उनके बेटे कोर्नाल्ड की मौत कैंसर से हो गई थी। बेटे के अलावा वू का कोई नहीं था इसलिए उन्होंने आज भी उसे खुद से अलग नहीं किया है।

विज्ञापन


हां ये बात अलग है कि अब वो उनके गले का हार बन चुका है। वू ने बेटे की अस्थियों की राख को हीरे में बदलवाकर गले में पहन रखा है। इससे उन्हें शांति तो मिलती ही है उन्हें लगता है कि उनका बेटा आज भी उनके पास है।
विज्ञापन


सीएनएन की ख्ाबर के अनुसार, ये सब संभव हुआ है हांगकांग की एक कंपनी अलगोरदांजा की वजह से। जो साल 2008 से यादगार हीरे बना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कंपनी का मुख्यालय स्वीट्जरलैंड में है। अलगोरदांजा एक रोमन शब्द है जिसका मतलब यादगार होना है।

कंपनी के डायरेक्टर स्कॉट फांग जोकि एक इंजीनियर भी हैं, बताते हैं कि जब उनकी मां की आंटी की मौत हुई तो उनके दिमाग में ये विचार कौंधा।

कैसे बनता है हीरा?

हड्डियों से हीरा बनाने की प्रक्रिया बेहद सीधी है। जिसमें मृत शरीर से कार्बन को रिफाइंड कर ग्रेफाइट में बदल लिया जाता है। उसके बाद इस रिफाइंड ग्रेफाइट को ज्वालामुखी जितने ताप और दाब से गुजारा जाता है। नौ घंटे बाद ये ग्रेफाइट सिन्थेटिक हीरे में तब्दील हो जाता है।

कितनी होती है कीमत?

एक-चौथाई कैरेट हीरे की कीमत करीब दो लाख से तीन लाख के बीच होती है। कंपनी ज्यादातर एक-चौथाई कैरेट के ही हीरे बनाती है। अब तक सबसे बड़ा हीरा दो कैरेट का बनाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed