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कच्ची मिट्टी पर डेढ़ सौ साल से दौड़ रही हैं भैंसें
बैंकॉक।
Updated Wed, 31 Oct 2012 11:58 AM IST
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थाइलैंड के पूर्वी पट पर स्थित चोनबुरी में हर साल अक्तूबर महीने में भैंसों की एक अनूठी दौड़ का आयोजन किया जाता है जिसे देखने हजारों की संख्या में लोग आते है और यह परंपरा यहां पिछली डेढ़ सदी से बदस्तूर जारी है। इस बार की भैंस दौड़ को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग आए। भारत की ही तरह जहां अधिकतर त्योहार खेती से जुड़े हैं, थाइलैंड में होने वाली इस भैंस दौड़ का संबंध भी खेती से ही है।
इस दौड़ का आयोजन धान की फसल की कटाई के बाद धान किसानों के लिए किया जाता है। इस भैंस दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले किसान भैंस की पीठ पर सवार होकर कच्ची मिट्टी पर उसे दौड़ाते हैं। दौड़ शुरू होने का संकेत मिलते ही सवार अपनी अपनी भैंस को 430 फुट लंबे धूल भरे ट्रैक पर दौड़ाना शुरू कर देते हैं।
दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रथम विजेता को 100 पौंड इनाम की राशि के रूप में दी जाती है और उपविजेता को खेती में काम आने वाले साजोसामान प्रदान किया जाता है। इस दौड़ में एक हजार किलोग्राम वजन वाली भैंस हिस्सा ले सकती है लेकिन इस दौड़ में हिस्सा लेने वाली भैंसों को अलग-अलग श्रेणी में रखा जाता है जो भैंसों की उम्र पर निर्भर करता है।
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इस दौड़ का आयोजन धान की फसल की कटाई के बाद धान किसानों के लिए किया जाता है। इस भैंस दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले किसान भैंस की पीठ पर सवार होकर कच्ची मिट्टी पर उसे दौड़ाते हैं। दौड़ शुरू होने का संकेत मिलते ही सवार अपनी अपनी भैंस को 430 फुट लंबे धूल भरे ट्रैक पर दौड़ाना शुरू कर देते हैं।
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दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रथम विजेता को 100 पौंड इनाम की राशि के रूप में दी जाती है और उपविजेता को खेती में काम आने वाले साजोसामान प्रदान किया जाता है। इस दौड़ में एक हजार किलोग्राम वजन वाली भैंस हिस्सा ले सकती है लेकिन इस दौड़ में हिस्सा लेने वाली भैंसों को अलग-अलग श्रेणी में रखा जाता है जो भैंसों की उम्र पर निर्भर करता है।
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