मधुमक्खियां बन गईं डॉक्टर, लगाएंगी कैंसर का पता

अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 26 Nov 2013 12:59 PM IST
विज्ञापन
Bees trained to detect cancer

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
मधुमक्खियों में सूंघने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है। उनमें एक साथ कई खुशबुओं को सूंघने की खूबी होती है। इसी संवेदनशीलता का इस्तेमाल कर वैज्ञानिकों ने मनुष्य में होने वाले कैंसर, टीबी और डायबिटीज का पता लगाने में किया है।
विज्ञापन

 
पुर्तगाली डिजाइनर सुसैन सोरेस ने एक ऐसे उपकरण का ईजाद किया है जोकि प्रशिक्षित मधुमक्खियों के इस्तेमाल से इन बीमारियों का पता लगा सकती है।
मधुमक्खियां वायुवाहित अणुकणिकाओं का पता लगा सकती हैं और प्रशिक्षण के जरिए ये फेफड़ों, त्वचा और अग्नाशय कैंसर के साथ ही टीबी जैसी बीमारियों के लक्षणों के बारे में बता सकती हैं।

'पापी गुड़िया' का ऐसा रूप आपने पहले नहीं देखा होगा


सोरेस ने बताया कि एक खास प्रक्रिया द्वारा मधुमक्खियों को प्रशिक्षित किया जाता है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खियों को जिस गंध पर लक्षित करना चाहते हैं, पहले उसकी ओर आकर्षित होने से रोकें। फिर दो-चार बार पानी और शक्कर दें। इस प्रक्रिया को दोहराते रहें, मधुमक्खियां खाने के साथ गंध से जुड़ जाएंगी।

एंकर ने न्यूड होकर दी मौसम की जानकारी

इसके बाद मधुमक्खियां दो ग्लास चैंबर में चली जाएंगी। जब आप एक ग्लास चैंबर में सांस लेंगे तो मधुमक्खियां आपसे जुड़ेंगी और सूंघकर आपकी जांच करेगी।

इसके बाद अगर मीठे की भनक लगेगी तो उस ओर उड़ेगी. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि उन्हें किसी बीमारी के लक्षण का आभास हुआ होगा और इस तरह मधुमक्खी किसी विशेष बीमारी का पता लगा पाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us