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जो काम आप हाथ से नहीं कर सकते, ये जीभ से करता है

Mon, 10 Mar 2014 12:30 PM IST
Updated Mon, 10 Mar 2014 12:30 PM IST
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केरल के अनिल वरनम एक कलाकार हैं लेकिन उनकी कला कुछ अलग हैं। दरअसल वह अपनी जीभ को पेंट ब्रश की तरह इस्तेमाल करके तस्वीरें बनाते हैं।
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अनिल अब तक हज़ारों पेंटिंग बना चुके हैं। लेकिन वह ऐसा करते कैसे हैं? इस सवाल के जवाब में वह कहते हैं, "यह सब ईश्वर के हाथ में हैं। मैंने पेंटिंग की शुरूआत भी उन्हीं के नाम से की है।"

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उन्होंने कहा, "मैंने चित्रकारी की पढ़ाई की और मुझे ख़ुद से बहुत उम्मीदें थी। इसी दौरान मैंने अख़बारों में उन कलाकारों के बारे में पढ़ा जो जिस्म के अलग-अलग हिस्सों से चित्रकारी करते हैं।"
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अनिल ने कहा, "मैं अपनी कला में सबसे अलग होना चाहता था इसलिए मैंने अपनी जीभ से चित्रकारी करने का फ़ैसला लिया।"

अनिल अपनी जीभ से रंग बनाते हैं और फिर जीभ से ही कैनवास पर चित्रकारी करते हैं।

'द लास्ट सपर'

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अनिल की अब तक की सबसे बड़ी पेंटिंग 'द लास्ट सपर' आठ फुट की है। इसमें ईसा मसीह अपने शिष्यों को संदेश दे रहे हैं। इसकी सबसे ख़ास बात यह है कि तस्वीर में दिख रहे हर चेहरे पर अलग भाव है। इसमें कुल तेरह चेहरे हैं।

पेंट ब्रश के ज़रिए भी इतनी विविधता और रंगों से भरी तस्वीर बनाना मुश्किल काम है लेकिन अनिल वरनम ने इस काम को अपनी जीभ से अंजाम दिया है।

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अनिल बताते हैं कि जीभ से चित्रकला करने के क़ाबिल बनने के लिए उन्होंने बहुत अभ्यास किया है। छह साल तक अभ्यास करने के बाद वह जीभ से चित्र बनाने में सक्षम हुए हैं।

एक हफ्ते से ज्यादा का समय लगा

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'द लास्ट सपर' पेंटिंग बनाने में अनिल को एक हफ़्ते से ज़्यादा का वक़्त लगा लेकिन एक रिकॉर्ड के लिए पाँच फीट लंबी पेंटिंग उन्होंने दो ही घंटों में ही बना दी।

लेकिन जीभ से पेंटिंग करना आसान नहीं है। अनिल बताते हैं कि यूं तो वह अपने घर में ही चित्रकारी करते हैं लेकिन यह बहुत थकाऊ काम होता है।
सेहत को ख़तरा

रंगों के रसायनों से उनकी सेहत को ख़तरा पैदा हो रहा है। उनके जिगर में ख़राबी तक आ गई और उन्हें पीलिया भी हो गया। उन्हें कमर में दर्द की परेशानी का सामना पड़ता है क्योंकि उन्हें बार-बार पीछे हटना होता है।

लेकिन वह ये ख़तरे उठाना चाहते हैं।

अनिल कहते हैं, "मैं कुछ अलग करना चाहता हूँ इसलिए ऐसा कर रहा हूँ। ऐसा कलाकार बनना चाहता हूँ जिसकी कला अलग हो।"
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करना पड़ा दिक्कतों का सामना

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जीभ से चित्र बनाने में आने वाली दिक्कतों के बारे में अनिल कहते हैं, "जीभ एक संवेदनशील अंग है इसलिए इसे ब्रश की तरह इस्तेमाल करना ज़्यादा मुश्किल काम नहीं हैं।"

उन्होंने कहा, "दिक्कत आँखों को होती है जो कैनवास से मात्र दो इंच की दूरी पर ही रहती हैं। मेरी आँखों में दर्द हो जाता है। दर्द से बचने के लिए मैं एक आँख बंद करके रखता हूँ ताकि ज़्यादा ज़ोर न पड़े।"

रंगों की खुशबू और स्वाद भी मुश्किल होता है। अनिल कई बार अपनी नाक बंद करके रखते हैं। पेटिंग के बाद उन्हें खाने का स्वाद भी नहीं आता लेकिन इस सबके बावजूद वह पेटिंग करते रहना चाहते हैं। वह कहते हैं, "याद रखिए मैं ऐसा काम कर रहा हूँ जो कोई और नहीं कर सकता।"

विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

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अनिल इन दिनों एक विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहे हैं। वह अपने बदन के अन्य हिस्सों के इस्तेमाल करते हुए चार तस्वीरें एक साथ बनाने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।

अनिल बताते हैं कि वह दो तस्वीरें तो एक साथ बना सकते हैं लेकिन चार तस्वीरें बनाना एक मुश्किल काम है जिसके लिए वह ख़ुद को अभ्यस्त कर रहे हैं। अनिल को भरोसा है कि वह इस कारनामे को भी अंजाम दे देंगे।

लेकिन यह भी उनके जुनून का अंत नहीं हैं। वह अपनी नाक और कोहनी से भी तस्वीरें बना सकते हैं। अनिल चलती हुई मोटरसाइकिल पर चित्र बनाने का कारनामा भी अंजाम दे चुके हैं।

लेकिन चलती मोटरसाइकिल पर चित्र बनाना आसान काम नहीं हैं। अनिल ने चालीस किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार पर चल रही मोटरसाइकिल पर बैठकर चार-पाँच तस्वीरें बनाई हैं।

लेकिन ये ख़तरनाक काम हैं। हाल ही में ऐसा ही कारनामा करते वक़्त वह दुर्घटना का शिकार हो गए और उनके हाथ-पाँव टूट गए।

लेकिन वह इससे हतोत्साहित नहीं हुए हैं। अनिल कहते हैं, "यदि आपको लगता है कि आपको कुछ करना चाहिए तो बस उसे कर ही लेना चाहिए।"
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