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तानों से परेशान था, फेसबुक पर डाला 'मौत का दिन'
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
Updated Tue, 12 Mar 2013 09:10 AM IST
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कई बार मोटा और सुस्त होना इतना भारी हो सकता है कि आदमी अपनी जान लेने पर उतारू हो जाता है। कुछ ऐसा ही हाल 13 साल के एक बच्चे के साथ हुआ जो अपने मोटे, बदसूरत और सुस्त होने के कारण अपनी जान देने पर तुल गया। बच्चा अपने आप से इतना परेशान था कि उसने इंटरनेट पर अपने जन्मदिन के मौके पर खुदकुशी का ऐलान कर दिया।
मामला अमेरिकी प्रांत कोलंबिया का है। यहां सिक्स्थ क्लास में पड़ने वाला नोहा ब्रॉकलबेंक साथी छात्रों द्वारा की जाने वाली छींटाकशी से बहुत परेशान था। क्लास के बच्चे नोहा को मोटा, बदसूरत और लूजर कहकर चिढ़ाते थे। नोहा को अपनी जिंदगी इतनी बेकार लगने लगी कि उसने जान देने की सोच ली। नोहा ने इंटरनेट पर अपने आगामी जन्मदिन आठ फरवरी 2013 के दिन ही अपनी जान देने की घोषणा कर डाली।
नोहा ने फेसबुक पर 26 जनवरी को एक मैसेज अपनी वॉल पर पोस्ट किया। इसमें लिखा था अगले जन्मदिन यानी 8 फरवरी को मेरी मौत का दिन पक्का। वॉल पर लिखा था कि उसका जीना बेकार है और जीवन उस जैसे लोगों के लिए नहीं है। इसके साथ ही नोहा ने खून से सनी अपनी बांह का फोटो भी पोस्ट किया। इस फोटो में नोहा ने अपनी बांह को ब्लेड से अनगिनत बार चीर डाला था।
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नोहा की मां ने जैसे ही ये पोस्ट देखी, वो परेशान हो गई और उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क किया। तुरंत नोहा को अस्पताल में भरती कराया गया। वहां एक हफ्ते रहने के बाद नोहा के जख्म भर गए और उसे मनोचिकित्सक के पास भी भेजा गया।
इंटरनेट पर नोहा का ये मैसेज देखकर उसकी मां और परिजन ही नहीं हजारों लोग परेशान हो गए थे। दुनिया भर से अजनबी लेकिन नोहा के शुभचिंतकों के पत्र आ रहे हैं और नोहा को जिंदगी के प्रति नजरिया बदलने की सलाह दे रहे हैं। इनका प्रयास है कि नोहा तानों से परेशान न हो और नए सिरे से जिंदगी को जिए।
आजकल ये हाल है कि नोहा रोज सौ से ज्यादा पत्र पढ़ता है जो उसे अनजान लोगों ने लिखे होते हैं। इन पत्रों में नोहा को जिंदगी के प्रति नरम होने और खुशमिजाज होने के संदेश मिलते हैं।
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मामला अमेरिकी प्रांत कोलंबिया का है। यहां सिक्स्थ क्लास में पड़ने वाला नोहा ब्रॉकलबेंक साथी छात्रों द्वारा की जाने वाली छींटाकशी से बहुत परेशान था। क्लास के बच्चे नोहा को मोटा, बदसूरत और लूजर कहकर चिढ़ाते थे। नोहा को अपनी जिंदगी इतनी बेकार लगने लगी कि उसने जान देने की सोच ली। नोहा ने इंटरनेट पर अपने आगामी जन्मदिन आठ फरवरी 2013 के दिन ही अपनी जान देने की घोषणा कर डाली।
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नोहा ने फेसबुक पर 26 जनवरी को एक मैसेज अपनी वॉल पर पोस्ट किया। इसमें लिखा था अगले जन्मदिन यानी 8 फरवरी को मेरी मौत का दिन पक्का। वॉल पर लिखा था कि उसका जीना बेकार है और जीवन उस जैसे लोगों के लिए नहीं है। इसके साथ ही नोहा ने खून से सनी अपनी बांह का फोटो भी पोस्ट किया। इस फोटो में नोहा ने अपनी बांह को ब्लेड से अनगिनत बार चीर डाला था।
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नोहा की मां ने जैसे ही ये पोस्ट देखी, वो परेशान हो गई और उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क किया। तुरंत नोहा को अस्पताल में भरती कराया गया। वहां एक हफ्ते रहने के बाद नोहा के जख्म भर गए और उसे मनोचिकित्सक के पास भी भेजा गया।
इंटरनेट पर नोहा का ये मैसेज देखकर उसकी मां और परिजन ही नहीं हजारों लोग परेशान हो गए थे। दुनिया भर से अजनबी लेकिन नोहा के शुभचिंतकों के पत्र आ रहे हैं और नोहा को जिंदगी के प्रति नजरिया बदलने की सलाह दे रहे हैं। इनका प्रयास है कि नोहा तानों से परेशान न हो और नए सिरे से जिंदगी को जिए।
आजकल ये हाल है कि नोहा रोज सौ से ज्यादा पत्र पढ़ता है जो उसे अनजान लोगों ने लिखे होते हैं। इन पत्रों में नोहा को जिंदगी के प्रति नरम होने और खुशमिजाज होने के संदेश मिलते हैं।