2014 में शनि करेंगे किसे परेशान और किस पर रहेंगे मेहरबान
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इस साल के अंत में शनि महाराज अपनी उच्च राशि तुला से निकलकर वृश्चिक राशि में पहुचेंगे लेकिन इस बीच 2 मार्च को शनि वक्री चाल चलेंगे।
ज्योतिषशास्त्र में कहा गया है कि जब कोई पाप ग्रह वक्री चाल चलता है तो वह अधिक क्रूर यानी कष्टकारी हो जाता है। 'क्रूरा वक्रा महाक्रूराः'। ऐसे में जिन्हें शनि अभी सता रहें उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी।
इन तीन राशि वालों के खर्चे बढ़ाएंगे शनि महाराज
इस साल मेष, कन्या और कुंभ राशि आय के मुकाबले व्यय बढ़ेगा। मानसिक परेशानी एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
संयम और शांति से काम लेना होगा अन्यथा अपनों से वाद विवाद के कारण संबंध खराब हो सकते हैं। खास तौर पर कन्या राशि वाले व्यक्ति शनि की उतरती साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं।
इसलिए इस राशि के व्यक्तियों को विशेष सावधान और सजग रहने की जरुरत है।
तीन राशि जिन पर शनि रहेंगे मेहरबान
तुला राशि पर इन दिनों साढ़ेसाती चल रही है। बावजूद इसके शनि का गोचर इन्हें प्रसन्नता देगा। शनि वैसे भी तुला राशि वालों को अधिक कष्ट नहीं देते हैं।
चांदी के पाया के प्रभाव में होने के कारण तुला, मिथुन और कुंभ राशि वालों को इस साल शनि महाराज उन्नति एवं धन लाभ दिलाएंगे। भूमि एवं वाहन की प्राप्ति हो सकती है।
पारिवारिक सुख में वृद्घि होगी। संतान सुख मिलने की भी संभावना रहेगी। व्यवसायियों को कारोबार में लाभ मिलेगा।
धन संपत्ति का लाभ दिलाएंगे शनि महाराज
इस साल वृष, सिंह एवं धनु यह तीन राशियां ऐसी हैं जिन पर शनि के ताम्र पाये का प्रभाव रहेगा। तांबे के पाया के प्रभाव में होने के कारण इस राशि के व्यक्तियों को शनि का शुभ फल मिलेगा।
उच्च शिक्षा की चाहत रखने वाले छात्रों को कामयाबी मिलेगी। वाहन एवं धन संपत्ति का लाभ मिल सकता है। विवाह के योग्य युवक युवतियों की शादी हो सकती है।
स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा। संतान के इच्छुक व्यक्तियों की मुराद पूरी हो सकती है। नौकरी में पदोन्नति के योग बनेंगे।
इस राशि के व्यक्तियों को सावधान रहना होगा
कर्क और मीन राशि वाले व्यक्ति इन दिनों ढैय्या के प्रभाव में हैं जबकि वृश्चिक राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। यही कारण है कि इस साल इनके बनते काम भी बिगड़ सकते हैं इसलिए कार्यों के प्रति अधिक सजग रहना होगा।
परिवार में किसी कारण से परेशानी और कलह संभव है। आय में कमी और व्यय बढ़ने से आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सावधान रहें दुर्घटना की भी संभावना है। व्यावसायिक क्षेत्र में परिश्रम अधिक करना होगा, जोखिम से बचें।