अगर आप भी करते हैं टचवुड तो जान लें यह जरूरी बातें
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आपने कई लोगों को देखा होगा कि कुछ कहने के बाद टचवुड बोलते हैं। हो सकता है कि यह आपकी भी आदत हो लेकिन क्या आप जानते हैं टचवुड है क्या और यह कितना असरदार होता है।
ऐसा हुआ टचवुड शब्द का जन्म
टचवुड का हिन्दी मतलब होता है लकड़ी छूना। टचवुड का प्रयोग कब से हो रहा है इस विषय में कोई प्रमाणिक तथ्य मौजूद नहीं है। लेकिन यह माना जाता है कि इस शब्द का प्रयोग ईसा पूर्व से चला आ रहा है। टचवुड शब्द के प्रयोग के पीछे ऐसी धारणा है कि वृक्षों पर आत्माओं का निवास होता है।
आत्माओं की नजर आपकी खुशियों और दुआओं को नहीं लगे इसलिए टचवुड बोलकर लकड़ी छूते हैं। माना जाता है कि इससे आत्माएं आपकी खुशियों में बाधक नहीं बनते हैं।
टचवुड कहते समय इन बातों का रखें ध्यान
टचवुड बोलने के साथ ही लकड़ी का स्पर्श करना शुभ माना जाता है। अगर टचवुड बोल दिया और लकड़ी का स्पर्श नहीं किया तो इसे अशुभ माना जाता है।
टचवुड बोलने के बाद चंदन, रुद्राक्ष, तुलसी का स्पर्श करें तो यह अधिक शुभ फलदायी माना जाता है। इसका कारण यह है कि इन्हें पवित्र और पूजनीय माना गया है। साथ ही यह नजर दोष और बुरी शक्तियों से भी रक्षा करने में सक्षम हैं।