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मान गए स्वरूपानंद, पूर्णिमा से पहले आएंगे

Tue, 22 Jan 2013 01:40 PM IST
महाकुंभ नगर/अमर उजाला ब्यूरो
महाकुंभ नगर/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 22 Jan 2013 01:40 PM IST
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swarupanand agreed, will come before full moon
अंतत: शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती मान गए। अब वह पौष पूर्णिमा के स्नानपर्व से पहले कुंभ मेला क्षेत्र पहुंचेंगे और मेले के अनुष्ठानों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री और शासन के कुंभ मेला प्रतिनिधि सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह का पत्र लेकर विधायक बारा डॉ. अजय कुमार भारतीय उन्हें मनाने के लिए जबलपुर के परमहंसी आश्रम गए थे।
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मनकामेश्वर के सनातनी संगम में वह यही कहते रहे कि  शंकराचार्य चतुष्पथ बने बिना आना संभव नहीं है। तब उन्होंने कहा था कि शंकराचार्य चतुष्पथ बना तो ठीक, नहीं तो हर-हर महादेव। ‘शंकराचार्य चतुष्पथ’ पर कोई सार्थक समाधान न निकलने पर उन्होंने परमहंसी आश्रम की ओर रुख किया था।
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‘अमर उजाला’ से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि शासन स्तर पर न सही, तीर्थपुरोहितों की ओर से सेक्टर छह में प्रयागवाल सभा की भूमि पर ‘शंकराचार्य चतुष्पथ’ की परिकल्पना पूरी की गई है।
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परंपरागत रूप से तीर्थ पुरोहित ही मेला बसाते रहे हैं, उन्हें ऋषि भारद्वाज का प्रतिनिधि माना जाता है। उनके निमंत्रण और शासन के अनुरोध के बाद कुंभ मेले में आने पर विचार करना जरूरी हो गया था। पहले मोरी मार्ग और संगम लोअर चौराहे पर उनका शिविर बसा था, अब सेक्टर 11 त्रिवेणी और काली मार्ग के बीच में तीन एकड़ भूमि पर उनका शिविर बसाया जा रहा है।
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