{"_id":"152f3f38-758b-11e2-979c-d4ae52bc57c2","slug":"stampede-at-platform-number-one-of-allahabad-railway-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्लेटफार्म नंबर एक पर भी हुई थी भगदड़, मरने वाले लापता","category":{"title":"Astrology Archives","title_hn":"ज्योतिष आर्काइव","slug":"astrology-archives"}}
प्लेटफार्म नंबर एक पर भी हुई थी भगदड़, मरने वाले लापता
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Wed, 13 Feb 2013 08:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद जंक्शन के छह नंबर प्लेटफार्म के साथ ही एक नंबर प्लेटफार्म पर मजार के पास भी कुछ ऐसा हुआ था, जिसे लगातार दबाने, छिपाने की कोशिश चल रही है। रेलवे के अफसर घटना से अनजान बन रहे हैं लेकिन प्लेटफॉर्म पर तैनात दूसरे कर्मचारी दबी जुबान से तमाम हकीकत बयां कर रहे हैं।
विज्ञापन
छह नंबर प्लेटफार्म पर फुटओवर ब्रिज के पास भगदड़ मची, जिसमें 37 की जान गई, उससे सभी वाकिफ हैं लेकिन कुछ और भी हुआ जो इस बड़ी घटना में दब गया। बताया जा रहा है कि एक नंबर प्लेटफॉर्म पर भी भगदड़ हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हुई। इसके अलावा तीन और चार नंबर यात्री बाड़ा में भी भगदड़ हुई, जिसमें 25 से 30 यात्री बेहोश हुए। उनका प्राथमिक उपचार भी कराया गया। उसके बाद उन्हें कहां भेजा गया, किसी को नहीं पता। कहा यह भी जा रहा है कि प्लेटफॉर्म एक पर मरने वाले भी प्लेटफॉर्म छह पर मरने वालों में ही शामिल कर दिए गए।
विज्ञापन
उपचार करने वालों की मानें तो शाम 7.30 से 8 बजे के बीच प्लेटफार्म एक पर मजार के पास बने रैंप पर भगदड़ हुई। इसमें चार यात्रियों की मौत होने की बात कही जा रही है। मजार के पास से दो-तीन नंबर प्लेटफार्म पर उतरने वाली सीढ़ियों के बीच भी फुटओवर ब्रिज पर भीड़ में कुछ लोगों के दबने की चर्चा है।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि दोनों घटनाओं की जानकारी रेलवे अफसरों को वक्त रहते हो गई। घायलों और मृतकों को हटाने का इंतजाम किया गया। इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर छह पर हुए हादसे की जानकारी भी अफसरों को हुई लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
चर्चा है कि प्लेटफार्म छह पर अफसरों और मेडिकल टीम को पहुंचने में विलंब का कारण भी यही है। यह इससे भी साबित होता है कि छह नंबर पर घटना के वक्त आरपीएफ और टिकट चेकिंग स्टॉफ मौजूद था। सभी वॉकीटाकी से अफसरों को सूचनाएं देते रहे। गंभीर स्थिति होने के बाद भी अफसर देर से पहुंचें, यह समझ से परे है। तीन और चार नंबर बाड़े में अचेत हुए लोगों की दवा कराई गई, इसे रेलवे के कई कर्मचारी स्वीकारते भी हैं।
सीपीआरओ एनसीआर संदीप माथुर का कहना है कि अभी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। जांच कमेटी गठित है। इसकी जांच में पूरा मामला सामने आ जाएगा।