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महामंडलेश्वर पद खुद छोड़ सकती हैं राधे मां
हरिद्वार/ब्यूरो
Updated Sun, 10 Feb 2013 01:22 PM IST
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संकेत मिले हैं कि राधे मां जूना अखाड़े से मिली महामंडलेश्वर की पदवी का खुद परित्याग कर सकती हैं। बताया गया है कि जिस तरह से जूना अखाड़े ने उन्हें शाही स्नान के लिए महाकुंभ आने की इजाजत देने से इंकार किया, उससे राधे मां बेहद खफा हैं।
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संकेत है कि इस बाबत वह जूना अखाड़े को दी गई राशि भी वापस मांग सकती हैं। गौरतलब है कि 11 सदस्यीय जांच समिति के केवल एक सदस्य पंचानंद गिरि ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इस संत की रिपोर्ट को जूना अखाड़े ने मानने से यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि जब तक सभी 11 सदस्यों की रिपोर्ट नहीं आ जाएगी, तब तक राधे मां को प्रयाग नहीं आने दिया जाएगा।
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कहा यह भी जा रहा है कि राधे मां ने कुंभ का शाही स्नान करने के लिए ही महामंडलेश्वर का पद ग्रहण किया था। अखाड़े के इस फैसले से उन्हें तथा उनके भक्तों को गहरा धक्का लगा। पंचानंद गिरि के प्रयासों के बावजूद अखाड़े के तेवर गरम थे।
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राधे मां प्रयाग आकर शाही स्नान में हाथी यह रथ की सवारी नहीं कर पाई। अखाड़े के श्रीमहंत स्वीकार करते हैं कि राधे मां को महामंडलेश्वर पद पर आसीन नहीं किया जाना चाहिए था।