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महाकुंभ में होगा अब राजनीतिक घमासान

Tue, 05 Feb 2013 02:17 PM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
इलाहाबाद/ब्यूरो Updated Tue, 05 Feb 2013 02:17 PM IST
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political battle in mahakumbh

योग गुरु बाबा रामदेव हों या विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल, अब तक इनकी तरफ से जो भी बयान जारी किए गए उससे साफ है कि लोकसभा चुनाव-2014 की नींव कुंभ नगरी में ही रखी जाएगी। इस लिहाज से आने वाले चार दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

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भाजपा का पूरा कुनबा यहां इकट्ठा हो सकता है। कांग्रेस चुप है लेकिन सोनिया गांधी के आने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के शिविर में अरविंद केजरीवाल के प्रतिनिधि के रूप में मनीष सिसौदिया और संजय सिंह किसी भी दिन पहुंच सकते हैं।
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ज्यादातर राजनीतिक दल कुंभ में चुनावी बिसात बिछाने को तैयार नजर आ रहे हैं। अगले चार दिनों में बीजेपी के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह, नरेंद्र मोदी, सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे सिंधिया के आने की सूचना है। राजनाथ और मोदी का आना तय हो चुका है। चूंकि कुंभ के दौरान वीआईपी मूवमेंट पर रोक है, सो किसी भी बड़े नेता का लिखित रूप से कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है।
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भाजपा नेता यहां संत सम्मेलन में शामिल होंगे और विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। इस दौरान मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने के लिए संतों का समर्थन जुटाने की भी कोशिश होगी। साथ ही प्रमुख मुद्दा राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का होगा। कुछ दिनों पहले मुख्तार अब्बास नकवी भी कुंभ मेला आए और यहां गंगा स्नान कर बड़ा संदेश भी दे गए।

एक तरफ भाजपा कुंभ में चुनावी आगाज करने की तैयारी में है तो कांग्रेस ने चुप्पी साध रखी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रभारी उत्तर प्रदेश परवेज हाशमी और राष्ट्रीय महासचिव एवं पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी यहां शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से मिलने के बाद दबे पांव लौट गए।


पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेताओं के जवाब में सोनिया गांधी और राहुल गांधी इलाहाबाद आएंगे। बड़े नेताओं के चुप रहने के पीछे वजह बताई जा रही है कि राहुल ने हाल ही में कांग्रेस की कमान संभाली है। वह पार्टी में बड़े परिवर्तन की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी नेता की कुंभ में जुबान फिसली तो उस पर गाज गिर सकती है। जो भी बोलना होगा, सोनिया या राहुल बोलेंगे। 

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