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अनूप जलोटा और स्वामी रामदेव के भजनों पर झूमे लोग
महाकुंभ नगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2013 12:09 PM IST
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संगम की रेती पर सेक्टर बारह स्थित गुरु कार्ष्णि शिविर में बृहस्पतिवार को प्रख्यात भजन गायक अनूप जलोटा ने घंटों भक्ति रस की धारा बहाई। उनके भजन में साधु-संतों के साथ ही हजारों की तादाद में जुटे श्रोता पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति के रस में गोता लगाते रहे। शुरूआत ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन, वो तो गली-गली हरि गुन गाने लगीं, से की।
इसके बाद तेरे मन में राम, तन में राम। रोम-रोम में राम रे, बोल राम-राम और कभी-कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़े, जाना था गंगापार प्रभु केवट की नाव चढ़े, भजन सुनाकर सभी को महाकुंभ के सागर में स्नान कराया। गोविंद जय-जय, गोपाल जय-जय, राधा रमण हरि गोविंद जय-जय।
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, भजन पर श्रोता मुग्ध हो गए। प्रेम की अगन हो भक्ति सघन हो, मन में लगन हो तो प्रभु मिल जाएंगे। श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा राम, लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम पर लोग झूम उठे।
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इसके बाद उन्होंने मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो समेत कई भजनों की झड़ी लगा दी। तकरीबन तीन घंटे तक चली भजन संध्या में श्रोताओं के साथ ही स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज तथा स्वामी रामदेव भी तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाते रहे। तबले पर रत्नेश तथा गिटार पर राकेश आर्य ने संगत किया।
इसके पहले स्वामी रामदेव ने अंगवस्त्रम तथा रुद्राक्ष की माला पहनाकर भजन गायक और उनके साथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने भी भजन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रभु जी हम पर इतनी दया कर दो, हमको भी तुम्हारा प्यार मिले। हम जनम-जनम के प्यासे हैं और तुम करुणा के दाता हो, से सबको भगवान की भक्ति समझाई । इस मौके पर केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष टीपी सिंह भी मौजूद रहे।
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इसके बाद तेरे मन में राम, तन में राम। रोम-रोम में राम रे, बोल राम-राम और कभी-कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़े, जाना था गंगापार प्रभु केवट की नाव चढ़े, भजन सुनाकर सभी को महाकुंभ के सागर में स्नान कराया। गोविंद जय-जय, गोपाल जय-जय, राधा रमण हरि गोविंद जय-जय।
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प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, भजन पर श्रोता मुग्ध हो गए। प्रेम की अगन हो भक्ति सघन हो, मन में लगन हो तो प्रभु मिल जाएंगे। श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा राम, लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम पर लोग झूम उठे।
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इसके बाद उन्होंने मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो समेत कई भजनों की झड़ी लगा दी। तकरीबन तीन घंटे तक चली भजन संध्या में श्रोताओं के साथ ही स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज तथा स्वामी रामदेव भी तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाते रहे। तबले पर रत्नेश तथा गिटार पर राकेश आर्य ने संगत किया।
इसके पहले स्वामी रामदेव ने अंगवस्त्रम तथा रुद्राक्ष की माला पहनाकर भजन गायक और उनके साथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने भी भजन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रभु जी हम पर इतनी दया कर दो, हमको भी तुम्हारा प्यार मिले। हम जनम-जनम के प्यासे हैं और तुम करुणा के दाता हो, से सबको भगवान की भक्ति समझाई । इस मौके पर केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष टीपी सिंह भी मौजूद रहे।