फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Astrology Archives ›   only shri panch shambhu agni akhara made brahmachari

ब्रह्मचारी बनाने को अखाड़े रखते हैं इन बातों का ध्यान

Fri, 01 Feb 2013 08:51 AM IST
विजय सक्सेना/महाकुंभ नगर (इलाहाबाद)
विजय सक्सेना/महाकुंभ नगर (इलाहाबाद) Updated Fri, 01 Feb 2013 08:51 AM IST
विज्ञापन
only shri panch shambhu agni akhara made brahmachari

शैव संप्रदाय के ज्यादातर अखाड़े नागा संन्यासी बनाते हैं लेकिन इनमें एक श्री पंच शंभू अग्नि अखाड़े में नागा संन्यासी के बजाए ब्रह्मचारी बनाने की दीक्षा दी जाती है। खास यह कि ब्रह्मचारी सिर्फ ब्राह्मण शरीर धारी को बनाया जाता है। नागा संन्यासियों की भांति ब्रह्मचारी के चयन की प्रक्रिया भी खासी जटिल है। उसमें वेद-वेदांत का ज्ञान, भगवान में भक्ति और वैराग की भावना भी देखी जाती है। अग्नि अखाड़े में आनंद, चैतन्य, प्रकाश और स्वरूप नाम के ब्रह्मचारी होते हैं।

विज्ञापन


अग्नि अखाड़े की एक और खासियत यह है कि यहां ब्रह्मचारी बनाने के लिए संख्या बल के बजाए व्यक्ति के संस्कार को देखा जाता है। फिर चाहे हजार में सौ ही इस लायक निकलें, उन्हें ही ब्राह्मण की दीक्षा दी जाती है।
विज्ञापन


श्री पंच अग्नि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर ब्रहर्षि श्रीमद् रामकृष्णानंद जी का कहना है कि हर किसी का साधु बनना या भगवा वस्त्र धारण कर लेना ठीक नहीं है। अखाड़े का हमेशा से प्रयास रहा है कि ब्रह्मचारी उसे ही बनाया जाए जो संस्कारवान हो। इसलिए ब्राह्मण को ब्रह्मचारी बनाने के पहले उसकी योग्यता का परीक्षण किया जाता है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वामी जी के मुताबिक योग्यता के बाद ही ब्राह्मण को मंत्र उपदेश दिए जाते हैं। यहां काम पंचगुरु करते हैं। फिर ब्रह्मचारी को भभूत, कंठ, लंगोट आदि प्रदान की जाती है। बताया कि शैव अखाड़े में दशनामी संन्यासी होती हैं लेकिन अग्नि अखाड़े में आनंद, चैतन्य, प्रकाश और स्वरूप नाम के ब्रह्मचारी होते है।

ये चारों नाम ब्रह्मचारी आदि शंकराचार्य भगवान द्वारा स्थापित चारों शंकराचार्य पीठों से अलग-अलग जुड़े हैं। ‘आनंद’ नाम के ब्रह्मचारी ज्योर्तिमठ से जुड़े होते हैं, ‘चैतन्य’ श्रृंगेरीमठ से, ‘प्रकाश’ गोवर्धनमठ से तो द्वारिकापीठ के ब्रह्मचारी अपने नाम के आगे ‘स्वरूप’ उपनाम लगाते हैं। महाकुंभ में अब तक 15 ब्रह्मचारी बनाए गए हैं।


श्रीमहंत कैलाशानंद भी बन सकते हैं महामंडलेश्वर
श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़े में श्री महंत कैलाशानंद को जल्द महामंडलेश्वर बनाने की तैयारी की जा रही है। वह अभी पंच अग्नि अखाड़े में सचिव के पद पर तैनात हैं। आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्रीमद् रामकृष्णानंद जी के मुताबिक उनका पट्टाभिषेक 10 फरवरी के पहले किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed