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अब माघी पूर्णिमा स्नान पर बारिश का साया
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Sat, 23 Feb 2013 10:39 AM IST
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मौसम विभाग की एक और भविष्यवाणी से मेला प्रशासन सहमा हुआ है। मौसम विभाग ने 24 फरवरी को बारिश की आशंका जताई है जबकि 25 फरवरी को माघी पूर्णिमा का प्रमुख स्नान पर्व है। बारिश में स्थिति बिगड़े, इससे पहले कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी ने शुक्रवार को मेला से जुड़े सभी अफसरों की बैठक बुला ली और उन्हें एहतियातन जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।
वसंत पंचमी के बाद हुई मूसलाधार बारिश से मेला पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। अगर और बारिश हुई तो हालात नियंत्रण से बाहर हो जाएंगे।
कमिश्नर ने बैठक में जल निगम के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि सभी सेक्टरों में जहां जल भराव की आशंका है या पिछली बारिश में जल भराव हुआ, वहां जल निकासी के लिए पहले से पंप की व्यवस्था कर ली जाए। स्वास्थ्य विभाग को हिदायत दी कि सेक्टर-12 में साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सेक्टर मजिस्ट्रेटों से कहा कि स्नानघाटों पर कांसे-पुआल की पर्याप्त व्यवस्था कर ली जाए। सेक्टरों में बारिश के कारण जहां भी दलदल की स्थिति पैदा हो सकती है, वहां समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम कर लिए जाएं।
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कमिश्नर ने साफ कहा कि प्रमुख स्नान पर्व पर मेला क्षेत्र में सिर्फ उन्हीं वाहनों को चलने की मंजूरी दी जाएगी, जो मेला ड्यूटी में लगे हैं। इसके अलावा एंबुलेंस चलेंगी। अगर ड्यूटी पर लगे किसी वाहन में परिवार वाले ढोए जा रहे हैं तो वाहन जब्त करते हुए संबंधित अफसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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वसंत पंचमी के बाद हुई मूसलाधार बारिश से मेला पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। अगर और बारिश हुई तो हालात नियंत्रण से बाहर हो जाएंगे।
कमिश्नर ने बैठक में जल निगम के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि सभी सेक्टरों में जहां जल भराव की आशंका है या पिछली बारिश में जल भराव हुआ, वहां जल निकासी के लिए पहले से पंप की व्यवस्था कर ली जाए। स्वास्थ्य विभाग को हिदायत दी कि सेक्टर-12 में साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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सेक्टर मजिस्ट्रेटों से कहा कि स्नानघाटों पर कांसे-पुआल की पर्याप्त व्यवस्था कर ली जाए। सेक्टरों में बारिश के कारण जहां भी दलदल की स्थिति पैदा हो सकती है, वहां समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम कर लिए जाएं।
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कमिश्नर ने साफ कहा कि प्रमुख स्नान पर्व पर मेला क्षेत्र में सिर्फ उन्हीं वाहनों को चलने की मंजूरी दी जाएगी, जो मेला ड्यूटी में लगे हैं। इसके अलावा एंबुलेंस चलेंगी। अगर ड्यूटी पर लगे किसी वाहन में परिवार वाले ढोए जा रहे हैं तो वाहन जब्त करते हुए संबंधित अफसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।