{"_id":"fdf28c00-7beb-11e2-9052-d4ae52bc57c2","slug":"not-to-be-drawn-photos-from-snangat-at-100-meters-hc","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्नानघाट से 100 मीटर तक न खींची जाएं फोटो: हाईकोर्ट","category":{"title":"Astrology Archives","title_hn":"ज्योतिष आर्काइव","slug":"astrology-archives"}}
स्नानघाट से 100 मीटर तक न खींची जाएं फोटो: हाईकोर्ट
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Thu, 21 Feb 2013 11:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने मेला प्रशासन को निर्देश दिया है कि स्नान घाटों पर फोटो खींचने संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। इस आदेश के साथ याचिका निस्तारित कर दी गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि नियमों के तहत स्नान घाटों से सौ मीटर की परिधि में फोटोग्राफ खींचने की मनाही है। इस संबंध में किसी को भी फोटोग्राफी की इजाजत प्रशासन ने नहीं दी है। कोर्ट ने इस नियम का कड़ाई से पालन करने का आदेश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी।
याची हेमंत कुमार ने माघ मेला नियमावली 1940 के तहत यूनाइटेड प्रोविएंस मेला एक्ट 1939 के प्रावधानों का हवाला देते हुए फोटोग्राफी को अवैधानिक बताया था। याचिका पर न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी और न्यायमूर्ति भारत भूषण की खंडपीठ सुनवाई की।
विज्ञापन
याची के अधिवक्ता असीम राय का कहना था कि साधु संतों की तस्वीरें खींच कर उसे प्रकाशित करने तथा चैनलों पर प्रसारित करने से उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। कानून के अनुसार मेला क्षेत्र में तस्वीरें लेना वर्जित हैं। कोर्ट से मांग की गई थी कि नागा साधुओं की तस्वीरें प्रकाशित करने पर रोक लगाई जाए।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि नियमों के तहत स्नान घाटों से सौ मीटर की परिधि में फोटोग्राफ खींचने की मनाही है। इस संबंध में किसी को भी फोटोग्राफी की इजाजत प्रशासन ने नहीं दी है। कोर्ट ने इस नियम का कड़ाई से पालन करने का आदेश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी।
विज्ञापन
याची हेमंत कुमार ने माघ मेला नियमावली 1940 के तहत यूनाइटेड प्रोविएंस मेला एक्ट 1939 के प्रावधानों का हवाला देते हुए फोटोग्राफी को अवैधानिक बताया था। याचिका पर न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी और न्यायमूर्ति भारत भूषण की खंडपीठ सुनवाई की।
विज्ञापन
याची के अधिवक्ता असीम राय का कहना था कि साधु संतों की तस्वीरें खींच कर उसे प्रकाशित करने तथा चैनलों पर प्रसारित करने से उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। कानून के अनुसार मेला क्षेत्र में तस्वीरें लेना वर्जित हैं। कोर्ट से मांग की गई थी कि नागा साधुओं की तस्वीरें प्रकाशित करने पर रोक लगाई जाए।