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देश के हर कोने से महंतों को खूब मिले मनीऑर्डर

Wed, 20 Feb 2013 11:52 AM IST
अविनाशी श्रीवास्तव/इलाहाबाद
अविनाशी श्रीवास्तव/इलाहाबाद Updated Wed, 20 Feb 2013 11:52 AM IST
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mahants gets lots of money orders in maha kumbh

प्लास्टिक मनी, ई-बैंकिंग का शोर कई वर्षों से है, हर जेब में दो-तीन कैश कार्ड (एटीएम कार्ड आदि) भी मिल जाएंगे लेकिन महाकुंभ में डेरा डाले संतों, महंतों को चढ़ावे के लिए लोगों ने मनीऑर्डर का माध्यम चुना। डाक विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो महाकुंभ में हर रोज 30 से 40 मनीऑर्डर पहुंचे। इनमें से आधे मनीऑर्डर तो मेला क्षेत्र स्थित केंद्रीय डाकघर से ही बांटे गए।

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खास यह कि मनीऑर्डर देश के हर कोने से बुक कराए गए थे। मेला क्षेत्र में खुले डाकखानों से भी 25 मनीऑर्डर बाहर के लिए बुक कराए गए। यहां से बुक ज्यादातर मनीऑर्डर मठों, मंदिरों के हैं। मनीऑर्डर को लेकर बाबाओं और भक्तों में यह रुचि डाक विभाग में बदलाव की कहानी भी कह रहे हैं।
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विभाग ने कुछ वर्ष पहले ही ई-मनीऑर्डर सेवा की शुरुआत की है। इससे बुक राशि ग्राहक को कैश के रूप में उसी दिन मिल जाती है, वह भी घर बैठे-बैठे। इसके विपरीत अन्य माध्यमों में एटीएम या बैंक जाना पड़ता है। अफसरों का मानना है कि यही सुविधा साधु-संतों को काफी रास आई। शिविरों के लिए डाक विभाग की पार्सल सेवा भी काफी मददगार साबित हुई। लोई, कंबल, साहित्य आदि वस्तुएं पार्सल के माध्यम से ही शिविरों में पहुंचीं।
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निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि औसतन रोज 10 से 12 पार्सल पहुंचे। यह सिलसिला अब भी जारी है। उन्होंने बताया कि मेला में कुल 10 डाकखाने खोले गए हैं। इसके अलावा नाव पर भी विभाग की सेवाएं दी जा रही हैं। इसमें 100 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी लगे हैं।

पोस्टकार्ड ने बताया हाल
मोबाइल और इंटरनेट के क्रेजी युवाओं के लिए पोस्टकार्ड और अंतरदेशीय भले ही अनजाने शब्द हो गए हों लेकिन महाकुंभ में हजारों श्रद्धालुओं ने इन्हीं के जरिए अपने परिजनों की कुशलक्षेम ली और दी। मेला क्षेत्र में हर रोज तीन से 400 साधारण डाक बांटे गए। खास यह कि इसमें अधिकतर पोस्टकार्ड थे। मेला में विभाग की अन्य सेवाओं की भी मांग कम नहीं रही। विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इस दौरान 700 स्पीड पोस्ट और 600 रजिस्ट्री बुक की गई। इससे कहीं अधिक स्पीड पोस्ट तथा रजिस्ट्री आई भी। माई स्टैंप योजना के तहत सैकड़ों लोगों की फोटोयुक्त टिकट भी जारी की गई। इसके अलावा स्नानार्थियों ने यादगार के तौर पर स्नान पर्वों पर जारी स्पेशल कवर भी खरीदे।


आरटीआई ने बढ़ाई आईपीओ की बिक्री
महाकुंभ क्षेत्र में खुले अस्थायी डाकखानों से अप्रत्याशित रूप से 15 हजार रुपये से अधिक राशि के भारतीय पोस्टल ऑर्डर बिक गए। अब भी इसकी मांग बनी हुई है। इसमें 10 रुपये के पोस्टल ऑर्डर अधिक हैं। इसके पीछे आरटीआई को मुख्य कारण माना जा रहा है। डाक कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी विभाग पहले भी पोस्टल ऑर्डर ले जाते थे लेकिन इस बार मांग काफी बढ़ गई है।

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