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इलाहाबाद में भगदड़: डीआईजी, SSP ने रोकी थी भीड़
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Tue, 12 Feb 2013 12:20 PM IST
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जंक्शन पर हुए हादसे को लेकर रेलवे की अव्यवस्था खुलकर सामने आ गई है। दोपहर से शाम तक जंक्शन पर सिटी साइड और सिविल लाइंस साइड से भीड़ का रेला पहुंच रहा था। रेलवे अफसर जंक्शन और उसके बाहर जुटी भीड़ का अंदाजा ही नहीं लगा सके थे। शाम पांच बजे जब हालात बेकाबू होने लगे तो जिला पुलिस के अधिकरियों तक खबर पहुंची। आईजी आलोक शर्मा ने पांच बजे मेला से निकलने वाली भीड़ को दूसरे रूटों पर भिजवाना शुरू किया।
डीआईजी एन रविन्द्र और एसएसपी मोहित अग्रवाल तीन कंपनी पीएसी के साथ जंक्शन सिटी साइड पहुंचे और भीड़ को पार्किंग के पास घेरा बनाकर रोक दिया। इस बीच रेलवे पुलिस को सिविल लाइंस साइड से भीड़ को रोकना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भीड़ सिविल लाइंस साइड से घुसती गई और रेलवे स्टेशन पर हालाब बद से बदतर हो गए। पुलिस अधिकारियों ने यही रिपोर्ट डीजीपी को भी सौंपी। डीजीपी ने इसे लेकर पूछताछ की तो मामला सही पाया।
रेलवे ने जो मांगा उससे ज्यादा दिया: डीजीपी
जंक्शन पर हुए हादसे के बाद गलतियों को लेकर खींचतान मच गई है। डीजीपी एसी शर्मा का कहना है कि रेलवे ने पुलिस से जो भी मदद मांगी उन्हें तत्काल मुहैया कराया गया। डीजी ने कहा कि उन्होंने दस कंपनी पीएसी मांगी थी, हमने 14 कंपनी पीएसी उन्हें दी। मौनी अमावस्या से पहले डीआईजी रेलवे ने मांग की कि समन्यवय के लिए एक डिप्टी एसपी चाहिए, इसे भी तत्काल पूरा किया गया।
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आईजी आलोक शर्मा का कहना है कि शाम को रेलवे अफसरों ने बताया कि भीड़ जंक्शन पर बहुत ज्यादा हो रही है, इसके बाद तुरंत डीआईजी और एसएसपी को भेजा गया था। रेलवे ने भीड़ को नियंत्रित करने की योजना पर अमल नहीं किया। हालांकि यह वक्त एक दूसरे पर आरोप लगाने का नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा लापरवाही का राज: बंसल
रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा है कि प्लेटफार्म नंबर छह पर सीसीटीवी लगा है। घटना के वक्त की रिकार्डिंग भी है। इसकी जांच की जाएगी। इसमें भगदड़ होने के साथ ही इलाज में बरती गई लापरवाही का भी खुलासा होगा। घटना के तीन घंटे बाद तक रेलवे के डॉक्टरों के मौके पर न पहुंचने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जंक्शन पर 155 सीसीटीवी लगी हैं। घटना के वक्त क्या हुआ? किसने लापरवाही बरती?
इसका सच भी सामने आएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि घटना की समीक्षा कर रहे हैं। पूरे मेले का भार उठाना रेलवे के लिए संभव नहीं है। इसलिए रेलवे पर पूरा लोड न डालें, इसके भी इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही महाकुंभ में बचे अन्य दो स्नान पर्वों पर ज्यादा एहतियात बरता जाएगा। ज्यादा ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलमंत्री रात में प्रयागराज एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हो गए। प्लेटफार्म खाली न होने के कारण जंक्शन से 35 मिनट विलंब से चलाई गई।
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डीआईजी एन रविन्द्र और एसएसपी मोहित अग्रवाल तीन कंपनी पीएसी के साथ जंक्शन सिटी साइड पहुंचे और भीड़ को पार्किंग के पास घेरा बनाकर रोक दिया। इस बीच रेलवे पुलिस को सिविल लाइंस साइड से भीड़ को रोकना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भीड़ सिविल लाइंस साइड से घुसती गई और रेलवे स्टेशन पर हालाब बद से बदतर हो गए। पुलिस अधिकारियों ने यही रिपोर्ट डीजीपी को भी सौंपी। डीजीपी ने इसे लेकर पूछताछ की तो मामला सही पाया।
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रेलवे ने जो मांगा उससे ज्यादा दिया: डीजीपी
जंक्शन पर हुए हादसे के बाद गलतियों को लेकर खींचतान मच गई है। डीजीपी एसी शर्मा का कहना है कि रेलवे ने पुलिस से जो भी मदद मांगी उन्हें तत्काल मुहैया कराया गया। डीजी ने कहा कि उन्होंने दस कंपनी पीएसी मांगी थी, हमने 14 कंपनी पीएसी उन्हें दी। मौनी अमावस्या से पहले डीआईजी रेलवे ने मांग की कि समन्यवय के लिए एक डिप्टी एसपी चाहिए, इसे भी तत्काल पूरा किया गया।
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आईजी आलोक शर्मा का कहना है कि शाम को रेलवे अफसरों ने बताया कि भीड़ जंक्शन पर बहुत ज्यादा हो रही है, इसके बाद तुरंत डीआईजी और एसएसपी को भेजा गया था। रेलवे ने भीड़ को नियंत्रित करने की योजना पर अमल नहीं किया। हालांकि यह वक्त एक दूसरे पर आरोप लगाने का नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा लापरवाही का राज: बंसल
रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा है कि प्लेटफार्म नंबर छह पर सीसीटीवी लगा है। घटना के वक्त की रिकार्डिंग भी है। इसकी जांच की जाएगी। इसमें भगदड़ होने के साथ ही इलाज में बरती गई लापरवाही का भी खुलासा होगा। घटना के तीन घंटे बाद तक रेलवे के डॉक्टरों के मौके पर न पहुंचने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जंक्शन पर 155 सीसीटीवी लगी हैं। घटना के वक्त क्या हुआ? किसने लापरवाही बरती?
इसका सच भी सामने आएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि घटना की समीक्षा कर रहे हैं। पूरे मेले का भार उठाना रेलवे के लिए संभव नहीं है। इसलिए रेलवे पर पूरा लोड न डालें, इसके भी इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही महाकुंभ में बचे अन्य दो स्नान पर्वों पर ज्यादा एहतियात बरता जाएगा। ज्यादा ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलमंत्री रात में प्रयागराज एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हो गए। प्लेटफार्म खाली न होने के कारण जंक्शन से 35 मिनट विलंब से चलाई गई।