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माघ मेले में साधु-संतों की फोटोग्राफी पर लगे रोक
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Wed, 20 Feb 2013 11:12 AM IST
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कुंभ मेले में आए साधु संतों की तस्वीरें खींचने पर रोक लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। न्यायालय ने इस पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। इस पर अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
याची हेमंत कुमार ने माघ मेला नियमावली 1940 के तहत यूनाइटेड प्रोविएंस मेला एक्ट 1939 के प्रावधानों का हवाला देते हुए फोटोग्राफी को अवैधानिक बताया है। याचिका पर न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी और न्यायमूर्ति भारत भूषण की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
याची के अधिवक्ता असीम राय का कहना था कि साधु संतों की तस्वीरें खींच कर उसे प्रकाशित करने तथा चैनलों पर प्रसारित करने से उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। कानून के अनुसार मेला क्षेत्र में तस्वीरें लेना वर्जित हैं। जिला प्रशासन ने ऐसी कोई अनुमति भी किसी छायाकार को नहीं दी है।
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इसके बावजूद पुलिस की मौजूदगी में स्नान घाटों और अन्य स्थानों पर तस्वीरें खींची गई। उनको प्रकाशित और प्रसारित भी किया गया। कोर्ट से मांग की गई है कि नागा साधुओं की तस्वीरें प्रकाशित करने पर रोक लगाई जाए। अदालत ने प्रदेश सरकार से 20 फरवरी को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
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याची हेमंत कुमार ने माघ मेला नियमावली 1940 के तहत यूनाइटेड प्रोविएंस मेला एक्ट 1939 के प्रावधानों का हवाला देते हुए फोटोग्राफी को अवैधानिक बताया है। याचिका पर न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी और न्यायमूर्ति भारत भूषण की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
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याची के अधिवक्ता असीम राय का कहना था कि साधु संतों की तस्वीरें खींच कर उसे प्रकाशित करने तथा चैनलों पर प्रसारित करने से उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। कानून के अनुसार मेला क्षेत्र में तस्वीरें लेना वर्जित हैं। जिला प्रशासन ने ऐसी कोई अनुमति भी किसी छायाकार को नहीं दी है।
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इसके बावजूद पुलिस की मौजूदगी में स्नान घाटों और अन्य स्थानों पर तस्वीरें खींची गई। उनको प्रकाशित और प्रसारित भी किया गया। कोर्ट से मांग की गई है कि नागा साधुओं की तस्वीरें प्रकाशित करने पर रोक लगाई जाए। अदालत ने प्रदेश सरकार से 20 फरवरी को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।