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कुंभ में भेदभाव से नाराज हैं मां आनंदमयी
महाकुंभ नगर (इलाहाबाद)/ब्यूरो
Updated Fri, 01 Feb 2013 09:12 AM IST
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महिलाओं को साहसी बनाने के अभियान में जुटी महामंडलेश्वर गुरु मां आनंदमयी महाकुंभ मेला प्रशासन से नाराज हैं। उनका कहना है कि मेला प्रशासन महिला महामंडलेश्वरों के साथ भेदभाव कर रहा है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वूमेन पावर कैंप लगाया है मगर यहां जरूरी सुविधाएं नहीं दी गई हैं। बार-बार आग्रह पर भी प्रशासन का रवैया नहीं बदल रहा। वे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी महिला विरोधी होने का आरोप लगा रही हैं।
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मां आनंदमयी ने बृहस्पतिवार दोपहर सेक्टर चार स्थित अपने शिविर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें जमीन के अलावा मेला प्रशासन से और कोई सुविधा नहीं मिली है। ऐसा उपेक्षात्मक बर्ताव महिला महामंडलेश्वर होने के नाते किया जा रहा है। न तो शिविर के चारों तरफ टीन शेड से घेरा बनाया गया और न दिन में बिजली रहती है। ऐसे में शिविर में मौजूद 200 महिलाओं के लिए सुरक्षा का सवाल बना रहता है।
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उन्होंने खुद 100 बार से ज्यादा मेला अधिकारियों को फोन किया। उनके प्रतिनिधि भी मेलाधिकारी से मिलकर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का आग्रह करने कई बार गए, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। चार फरवरी से वूमेन पावर फाउंडेशन के कैंप में 13 से 40 वर्ष की हजारों महिलाओं का जमावड़ा शुरू होगा।
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इसमें सिने तारिका महिमा चौधरी, प्रियंका चोपड़ा, स्मृति ईरानी, भाजपा नेता सुषमा स्वराज, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के शामिल होने की संभावना है। मगर कुंभ मेला प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल रही है। उनका इरादा 10 लाख महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत करने का है। उन्हें आत्मसुरक्षा की ट्रेनिंग दी जाएगी।
मगर महिलाओं के उत्थान के दावे करने वाली यूपी सरकार और कुंभ मेला प्रशासन का रवैया बेहद निराशाजनक है। मां आनंदमयी ने शाही स्नान में महिला महामंडलेश्वरों को पीछे रखने और स्नान को पर्याप्त समय नहीं देने पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि हर जगह लेडीज फर्स्ट का प्रचलन है तो शाही स्नान में महिला महामंडलेश्वरों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती है। यह व्यवहार अफसोस जनक है।