फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Astrology Archives ›   laxmi pooja uttrakhand rituals

यहां किसी को नहीं है धन की जरुरत, क्यों करें लक्ष्मी पूजा

Fri, 27 Dec 2013 03:04 PM IST
टीम डिजिटल
टीम डिजिटल Updated Fri, 27 Dec 2013 03:04 PM IST
विज्ञापन
laxmi pooja uttrakhand rituals

भारत में हर गांव और शहर में देवी लक्ष्मी की पूजा होती है और दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। यहां लक्ष्मी माता की पूजा का त्याग करने की कोई सोच भी नहीं सकता। लेकिन एक गांव ऐसा है जो न तो लक्ष्मी माता को मानता है और न इनकी पूजा करता है।

विज्ञापन


पढ़ें,राशि न कुंडली जन्मतिथि से जानिए 2014 का भविष्यफल
विज्ञापन


दीपावली की रात भी यहां कोई दीप जलाकर लक्ष्मी को प्रसन्न करने की नहीं सोचता है। यह गांव उत्तराखंड की जमीन पर मौजूद है जहां वनरावत जनजाति के लोग निवास करते हैं। वनरावत हिमालय की आदिम जनजाति है। उत्तराखंड में वनरावतों के 11 गांव हैं। इन गांवों में इनकी आबादी 556 है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, हनुमान जी की पत्नी के बारे में


वनरावत ‘घनेनाथ’ और ‘मनेनाथ’ नाम के दो लोक देवताओं का पूजन करते हैं। लोक देवता की पूजा के समय किसी प्रकार का वैदिक अनुष्ठान नहीं होता। लोक देवता के मंदिर में जाकर यह लोग बकरी की बलि देते हैं और पूजा संपन्न मानी जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed