ऐसे जान सकते हैं, आपका पति या पत्नी कैसी होगी?
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शादी की उम्र होते ही लड़के खूबसूरत पत्नी के सपने देखने लगते हैं। ठीक ऐसी ही हालत लड़कियों की भी होती है। वह भी किसी राजकुमार की तरह दिखने वाले लड़के के सपने देखने लगती है।
कई बार तो यह भी ख्याल आता है कि उनका जीवनसाथी कैसा होगा काश यह पता चल जाए। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आपकी यह चाहत पूरी हो सकती है। एक आसान सा उपाय है जिससे यह जान सकते हैं कि आपका जीवनसाथी कैसा होगा।
जीवनसाथी दिखने में कैसा होगा?
ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि जन्मपत्री का सातवां घर जीवनसाथी का स्थान होता है। आप देखिए कि आपकी कुण्डली में सातवें घर में कौन सा ग्रह बैठा है।
आप इन ग्रहों से यह जान सकते हैं कि आपका जीवनसाथी दिखने में कैसा होगा। इससे आप जीवनसाथी का स्वभाव भी जान सकते हैं।
तब दिखने में गेहुंआ होगा जीवनसाथी
ज्योतिषशास्त्र के नियमानुसार जन्मपत्री में सूर्य सातवें या पहले घर में बैठा हो तब जीवनसाथी का रंग गेहुंआ होता है।
इस बात की संभावना प्रबल रहती है कि व्यक्ति का जीवनसाथी सामान्य कदकाठी का और वाणी गंभीर होती है। इनके चेहरे पर ओज और व्यवहार में क्रोधी होते हैं।
गोरी और रुपवती पत्नी मिलती है
जिस पुरुष की कुण्डली में चन्द्रमा सातवें घर में होता है उन्हें गोरी और रुपवती पत्नी मिलती है। ठीक इसी प्रकार कन्याओं को भी गौर वर्ण का पति प्राप्त होता है।
जीवनसाथी की आंखें बड़ी और व्यवहार में सौम्यता एवं शीतलता रहती है। कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिरुचि भी इनमें रहती है। इनके जीवनसाथी को सर्दी जुकाम की शिकायत अधिक होती है।
बड़ा क्रोधी होता है इनका जीवनसाथी
ज्योतिषशास्त्र में मंगल को क्रोधी और उग्र ग्रह माना गया है। जिनकी कुण्डली में सातवें घर में मंगल होता है उन्हें मंगलिक दोष लगता है। साथ ही इनका जीवनसाथी और क्रोधी और उग्र स्वभाव का होता है।
मंगल अगर शुभ है तो जीवनसाथी सुडौल और आकर्षक होता है जबकि मंगल के प्रतिकूल होने पर जीवनसाथी दुबला पतला और चिड़चिड़ा हो सकता है। इनमें साहस और उत्साह की कमी होगी।
रोमांटिक जीवनसाथी मिलता है
जन्मपत्री के सातवें घर में बैठा बुध यह बताता है कि व्यक्ति का जीवनसाथी समझदार और सुंदर होगा।
ऐसे व्यक्ति के जीवनसाथी काफी रोमांटिक और बातचीत की कला में निपुण होते हैं। लेकिन कुण्डली में बुध अनुकूल नहीं हो तो जीवनसाथी कम शिक्षित और सामान्य रुप रंग का होता है।
शरीर मांसल होता है
गुरु जिनकी कुण्डली में सातवें घर में होता है उनका जीवनसाथी गोरे रंग का होता है लेकिन चेहरे पर पीली आभा रहती है।
इनकी आवाज प्रभावशाली और शरीर मांसल होता है। धर्म कर्म के प्रति इनमें आस्था रहती है।
शौकीन होता है इनका जीवनसाथी
अगर आपकी कुण्डली में सातवें घर में शुक्र बैठा है तो यह समझ लीजिए आपका जीवनसाथी शौकीन और रोमांटिक होगा।
रंग रुप में आकर्षक और कला के प्रति इनकी रुचि होगी। यह सौन्दर्य प्रिय और भौतिक सुख सुविधा के साथ जीवन जीने वाले होते हैं।
अधिक उम्र का जीवनसाथी
जिस व्यक्ति की जन्मकुण्डली में शनि सातवें घर में विराजमान होते हैं। उनका जीवनसाथी अधिक उम्र का होता है।
अगर उम्र कम भी हो तब भी बड़े दिखते हैं। इनका जीवनसाथी दिखने में सांवला स्वभाव चिड़चिड़ा होता है। शनि अगर तुला या मकर राशि में हो तो जीवनसाथी दिखने में आकर्षक हो सकता है।