भूलकर भी न आना, यहां आत्मा करती हैं खजाने की रक्षा
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आपने सुना होगा कि सांप खजाने की रक्षा करते हैं लेकिन एक किला ऐसा है जिसके विषय में कहा जाता है कि यहां हर रात भूत प्रेतों की सभा लगती है। यहां रहने वाली आत्मा खजाने के पहरेदार हैं।
हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के पोहरी कस्बे की, जहां करीब 2100 साल पुराना एक किला है। इस किले के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि हर रात इस किले से घुंघरुओं की आवाजें आती हैं।
किसकी घुंघरुओं की आवाज है?
यह किला वीर खंडेराव का है। ऐसी मान्यता है कि शाम ढ़लते ही आत्माओं का इस किले पर कब्जा हो जाता है और खंडेराव की सभा शुरु होती है। खंडेराव सभासदों के साथ नर्तकियों के नृत्य का आनंद लेते हैं। जिससे घुंघरुओं की आवाज आती हैं।
अगर भूले से यहां पहुंच गए
कहते हैं इस किले के आस-पास का पूरा इलाका रुहों के कब्जे में है। खंडेराव और उनके सभासदों की आत्मा किसी खजाने की पहरेदारी कर रहे हैं।
अगर कोई भूले से भी किले के भीतर या झाड़ियों में पहुंच जाता है तो आत्माएं उन्हें परेशान करने लगती हैं। यही कारण है कि यह किला विरान पड़ा है। कोई यहां आने का साहस नहीं जुटा पाता है।