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महाकुंभ में अखाड़ों को मिलेगा नया रूप
महाकुंभ नगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Feb 2013 11:41 AM IST
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इस कुंभ में अखाड़ों का नया रूप मिलेगा। परंपरा के अनुसार अखाड़ों के भीतर नई कार्यकारणी के लिए चुनाव होगा और नए पदाधिकारी एवं इस कुंभ के दौरान प्रयाग में नागा बने संन्यासियों को अंतिम शाही स्नान में शामिल किया जाएगा। चुनाव को लेकर अखाड़ों में कवायद तेज कर दी गई है।
अखाड़ों के भीतर कई पद होते हैं। अखाड़ों भंडारी, कारोबारी, कोतवाल, पुजारी, सचिव, श्रीमहंत जैसे सभी पदों की अपनी-अपनी जिम्मेदारी होती है और हर पद महत्वपूर्ण माना जाता है। हर छह साल में नई कार्यकारिणी का गठन होता है।
परंपरा रही है कि नई कार्यकारिणी का चुनाव इलाहाबाद में ही होगा, सो इलाहाबाद में अर्धकुंभ या कुंभ के दौरान ही अखाड़ों में नई कार्यकारिणी का गठन किया जाता है। हालांकि आपात परस्थितियों में बीच में किसी दूसरी जगह कुंभ के आयोजन के दौरान भी कुछ पदों पर फेरबदल कर दिए जाते हैं लेकिन नई कार्यकारणी का पूर्ण गठन संगम नगरी में ही होता है।
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तपोनिधि आनंद अखाड़ा के थानापति भैरोगिरी जी महाराज बताते हैं कि जो भी नए पदाधिकारी चुने जाएंगे, अंतिम शाही स्नान उन्हीं का होगा। इनके साथ वो नए नागा भी 15 फरवरी को अंतिम शाही स्नान करेंगे, जिन्हें इस कुंभ में दीक्षा दी गई है।
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अखाड़ों के भीतर कई पद होते हैं। अखाड़ों भंडारी, कारोबारी, कोतवाल, पुजारी, सचिव, श्रीमहंत जैसे सभी पदों की अपनी-अपनी जिम्मेदारी होती है और हर पद महत्वपूर्ण माना जाता है। हर छह साल में नई कार्यकारिणी का गठन होता है।
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परंपरा रही है कि नई कार्यकारिणी का चुनाव इलाहाबाद में ही होगा, सो इलाहाबाद में अर्धकुंभ या कुंभ के दौरान ही अखाड़ों में नई कार्यकारिणी का गठन किया जाता है। हालांकि आपात परस्थितियों में बीच में किसी दूसरी जगह कुंभ के आयोजन के दौरान भी कुछ पदों पर फेरबदल कर दिए जाते हैं लेकिन नई कार्यकारणी का पूर्ण गठन संगम नगरी में ही होता है।
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तपोनिधि आनंद अखाड़ा के थानापति भैरोगिरी जी महाराज बताते हैं कि जो भी नए पदाधिकारी चुने जाएंगे, अंतिम शाही स्नान उन्हीं का होगा। इनके साथ वो नए नागा भी 15 फरवरी को अंतिम शाही स्नान करेंगे, जिन्हें इस कुंभ में दीक्षा दी गई है।