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कुंभ में करिए गंगोत्री धाम की देव छड़ी के दर्शन
राहुल शर्मा/इलाहाबाद
Updated Thu, 07 Feb 2013 08:06 AM IST
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उत्तराखंड स्थित गंगोत्री धाम की पवित्र देव छड़ी के दर्शन अब कुंभ नगरी में भी हो सकेंगे। इस पवित्र छड़ी को पहली बार उत्तराखंड से बाहर कुंभ नगरी में लाया गया है। गंगोत्री धाम की यह प्रतीकात्मक देव छड़ी कुंभ नगरी के सेक्टर दस स्थित स्वामी अच्युतानंद के भूमा निकेतन शिविर में देखी जा सकती है।
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दरअसल गंगा के उद्गम स्थल गंगोत्री धाम के कपाट साल के छह महीने बंद रहते हैं। क्योंकि जबर्दस्त बर्फबारी के कारण वहां पहुंचने वाले सभी रास्ते इन दिनों बंद रहते हैं। हर बार गंगोत्री धाम के कपाट दीपावली के दूसरे दिन पूजन के बाद बंद हो जाते हैं जो अक्षय तृतीया के दिन ही खुलते हैं। कपाट बंद होने के बाद भी आम श्रद्धालु गंगोत्री धाम के दर्शन कर सकें, इसके लिए एक प्रतीकात्मक देव छड़ी जो चांदी की होती है उसे गंगोत्री धाम से तकरीबन 30 किलोमीटर पहले मुख्य मठ में रख दिया जाता है।
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इस दौरान श्रद्धालु इसी छड़ी का दर्शन गंगोत्री धाम के रूप में करते हैं। मुख्य मठ उत्तरकाशी जिले के मुखमा नामक स्थान पर है। सालों से यह परंपरा चली आ रही है। इस बार कुंभ मेले के मौके पर इस पवित्र छड़ी को गंगोत्री धाम के मुख्य पुजारी रावल पंडित शिव प्रकाश सेमवाल की देखरेख में इलाहाबाद लाया गया है। इस छड़ी को यहां भूमा निकेतन शिविर में रखा गया है।
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भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने बताया कि छड़ी लाने के लिए उत्तराखंड सरकार से विशेष आदेश लेना पड़ा। गंगोत्री धाम के पुजारी को रावल कहा जाता है और यह छड़ी इन्हीं की देखरेख में रहती है। उधर गंगोत्री धाम के पुजारी रावल जय कृष्ण सेमवाल ने बताया कि छड़ी अभी कुछ दिन कुंभ नगरी में ही रहेगी। ताकि यहां आने वाले भक्त एवं श्रृद्धालु गंगोत्री धाम का यहां दर्शन कर सके।