{"_id":"e5abde1e-69e2-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"corporate-families-took-bath-in-sangam","type":"story","status":"publish","title_hn":"कारपोरेट घरानों ने किया संगम में स्नान","category":{"title":"Astrology Archives","title_hn":"ज्योतिष आर्काइव","slug":"astrology-archives"}}
कारपोरेट घरानों ने किया संगम में स्नान
इलाहाबाद/अखिलेश मिश्र
Updated Tue, 29 Jan 2013 12:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिल्मी सितारों के बाद अब बड़े औद्योगिक घराने के प्रमुखों ने भी महाकुंभ क्षेत्र पहुंच पौष पूर्णिमा के पुण्य मुहूर्त में संगम में डुबकी लगाई। बिना किसी आडंबर के इन कारपोरेट घरानों ने संगम क्षेत्र पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। कारपोरेट घरानों में वेदांता समूह के अनिल कुमार एवं पेंटालून-फ्यूचर समूह के किशोर बियानी प्रमुख रहे।
कारपोरेट घराने किसी आश्रम या अखाड़े में नहीं गए। कारपोरेट घराने पौष पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को 11 बजे सुबह बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे। तीन चार्टड प्लेन में इन औद्योगिक घरानों के परिवार के लोगों के साथ निजी मित्र भी शामिल रहे। उनके साथ मुंबई के बड़े अस्पताल के डॉक्टर और धीरूभाई अंबानी परिवार के आर्किटेक्ट पहुंचे। स्टरले समूह के प्रमुख भी इसमें शामिल रहे।
बमरौली एयरपोर्ट से सभी अपने स्थानीय सहयोगियों के साथ सीधे सरस्वती घाट पहुंचे। वहां से पहले से तैयार नाव के जरिए संगम पहुंचे। बिना किसी तामझाम के संगम में डुबकी लगाने, पूजन करने और किला सहित प्रमुख स्थानों का भ्रमण करके दोपहर बाद स्थानीय मित्र और मेला सलाहकार समिति के सदस्य राकेश शुक्ल के साथ भोजन किया। शाम को 5.15 बजे मुंबई के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कारपोरेट घराने किसी आश्रम या अखाड़े में नहीं गए। कारपोरेट घराने पौष पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को 11 बजे सुबह बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे। तीन चार्टड प्लेन में इन औद्योगिक घरानों के परिवार के लोगों के साथ निजी मित्र भी शामिल रहे। उनके साथ मुंबई के बड़े अस्पताल के डॉक्टर और धीरूभाई अंबानी परिवार के आर्किटेक्ट पहुंचे। स्टरले समूह के प्रमुख भी इसमें शामिल रहे।
विज्ञापन
बमरौली एयरपोर्ट से सभी अपने स्थानीय सहयोगियों के साथ सीधे सरस्वती घाट पहुंचे। वहां से पहले से तैयार नाव के जरिए संगम पहुंचे। बिना किसी तामझाम के संगम में डुबकी लगाने, पूजन करने और किला सहित प्रमुख स्थानों का भ्रमण करके दोपहर बाद स्थानीय मित्र और मेला सलाहकार समिति के सदस्य राकेश शुक्ल के साथ भोजन किया। शाम को 5.15 बजे मुंबई के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन