फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Astrology Archives ›   challenge for the fair administration magi purnima Snan

न पुल तैयार न प्रशासन, कैसे होगा माघी पूर्णिमा का स्नान

Fri, 22 Feb 2013 11:20 AM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
इलाहाबाद/ब्यूरो Updated Fri, 22 Feb 2013 11:20 AM IST
विज्ञापन
challenge for the fair administration magi purnima Snan
तीन दिन बाद 25 फरवरी को माघी पूर्णिमा का प्रमुख स्नान पर्व है। मेला प्रशासन का अनुमान है कि एक करोड़ 65 लाख श्रद्धालु स्नान करने पहुंचेंगे लेकिन गंगा-यमुना के बढ़े जलस्तर और तेजी से हो रही कटान ने मेला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कटान और जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा पर बने ज्यादातर अस्थायी घाट ध्वस्त हो चुके हैं।
विज्ञापन

अरैल को संगम से जोड़ने वाला पांटून पुल नंबर-18 भी बढ़े हुए जलस्तर की भेंट चढ़ गया है।

पुल के दो हिस्सों को बीच में जोड़ने वाला टापू जलमग्न हो चुका है। हालांकि बृहस्पतिवार को गंगा-यमुना का जलस्तर कुछ कम होने से मेला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। प्रशासन की मंशा है कि शुक्रवार शाम तक की स्थिति का आकलन करने के बाद घाटों को नए सिरे से तैयार करने पर अंतिम फैसला किया जाए और पांटून पुल के लिए भी 23 फरवरी को कोई निर्णय लिया जाए।
विज्ञापन


अरैल से संगम के बीच बना पांटून पुल गंगा पर बीचों-बीच स्थित टापू से जुड़ा हुआ है। गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा तो टापू डूब गया। ऐसे में पांटून पुल का बीच वाला हिस्सा, जो दोनों तरफ से सीधे टापू पर उतर रहा था, ध्वस्त हो गया। अरैल से संगम या संगम से अरैल की तरफ आने वाले श्रद्धालुओं को कुछ दूरी इस टापू पर भी तय करनी पड़ती थी, जो तकरीबन चार सौ मीटर लंबा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


टापू पर वाहनों के चलने के लिए चकर्ड प्लेटें भी बिछाई गई थीं, लेकिन पल का चार सौ मीटर का हिस्सा डूबा हुआ है। इससे पुल पर आवागमन ठप हो चुका है। गंगा-यमुना के जलस्तर में छह-छह सेमी. की गिरावट दर्ज की गई। कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि जलस्तर में गिरावट मेला प्रशासन के लिए शुभ संकेत है।


कुंभ मेला क्षेत्र में भगदड़ की होगी मजिस्ट्रेटी जांच
मेला क्षेत्र में मौनी अमावस्या के दिन सेक्टर-12 में मची भगदड़ और हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी किए गए हैं। मेलाधिकारी मणि प्रसाद मिश्र ने अपर जिला मजिस्ट्रेट /अपर मेलाधिकारी अखिलेश ओझा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। मेलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट 11 दिनों में तलब की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed