823 साल बाद बन रहा यह योग, किसके लिए शुभ है
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अगस्त माह में जो ग्रहस्थिति बन रही है वह अति दुर्लभ घटना है। इस माह में पांच शुक्रवार, पांच शनिवार और पांच रविवार पड़ रहे हैं।
इस तरह का वारयोग लगभग 823 वर्षों के बाद बन रहा है। इनमें पांच शनिवार और रविवार जनमानस के लिए विशेष करके मेदिनी ज्योतिष की दृष्टि से शुभ नहीं लग रहे।
सूर्य की स्थिति और पांच रविवार का परिणाम
सूर्य का वर्चस्व तो अकाल-सूखा की और इशारा कर ही रहा है। जिस किसी भी माह में 'यत्र मासे रविवारा जायते पंच सततम' सूत्र के अनुसार पांच रविवार पड़ें उस माह में अग्निकांड, जातीय हिंसा, छत्रभंग आदि का भय अधिक रहता है।
माह में पांच शनिवार भी दुर्भिक्ष जैसी स्थिति की ओर संकेत कर रहे हैं। इस योग में भूकंप, भूस्खलन, प्राकृतिक दुर्घटनाएं, आंधी- तूफान आदि की आशंका रहती है।
महंगाई पर शुक्र कैसा प्रभाव रहेगा
पांच शुक्रवार मंहगाई कम करने में तो लगे रहेंगें, लेकिन ये शासन सत्ता के लिए अच्छे संकेत नही दे रहे। ग्रह के अनुसार देखें तो लोकसभा और राज्यसभा में कोई भी बिल आसानी से बगैर मान-अपमान कटु भाषाओं के प्रयोग बगैर पास होना आसान नही रहेगा।
स्टॉक मार्केट एवं कमोडिटी सेक्टर्स की दृष्टि से देखें तो पांच शुक्रवार भौतिकता को बढ़ावा दिलाने वाले रहेंगे। यही योग सोने-चांदी, हीरे-जवाहरात के साथ-साथ दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, आटा चावल, फल, सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।
शनि देगा कुछ चीजों में राहत
माह में पांच शनिवार का होना स्टील, लोहा, सरिया, सीमेंट, कोयला, पेट्रोरसायन, क्रूड आयल, गैस कीट नाशक दवाओं की कीमत में नरमी लाएगा, लेकिन इनका व्यापार भी अपेक्षाकृत मंदा रहेगा।
स्टॉक/कमोडिटी मार्केट के तौर पर विश्लेषण करें तो मेटल्स, तांबा, पीतल, पावर सेक्टर्स, ज्वलनशील पदार्थ और ऊर्जा से संबंधित क्षेत्रों की कीमतों में उछाल लाएगा।
इसलिए बाजार की दृष्टि से कहें तो शुक्र, शनि और सूर्य के द्वारा बन रहा यह योग उत्तम रहेगा। लेकिन आम लोगों के लिए महंगाई से लड़ाने वाला योग है।