फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Astrology Archives ›   after sixty years stampede reoccured in maha kumbh

साठ साल बाद कुंभ पर दोबारा लगा बदनुमा दाग

Mon, 11 Feb 2013 07:57 AM IST
महाकुंभ नगर(इलाहाबाद)/ब्यूरो
महाकुंभ नगर(इलाहाबाद)/ब्यूरो Updated Mon, 11 Feb 2013 07:57 AM IST
विज्ञापन
after sixty years stampede reoccured in maha kumbh

मौनी अमावस्या को संगम में डुबकी लगाकर लौटते समय इलाहाबाद जंक्शन पर हुए हादसे के साथ बीते साठ वर्ष पहले का इतिहास दोहराया गया, जब दोबारा भगदड़ से चौबीस लोगों की मौत हो गई। वर्ष 1954 के कुंभ मेले में मौनी अमावस्या के स्नानपर्व पर तीन फरवरी को हुई भगदड़ में तकरीबन आठ सौ श्रद्धालुओं की मौत हुई थी।

विज्ञापन


उस हादसे के बाद से अब तक इलाहाबाद में भगदड़ जैसी स्थितियों की पुनरावृत्ति नहीं हुई थी। रविवार को भी करोड़ों की भीड़ के बावजूद मेले में ऐसी घटना नहीं हुई लेकिन वापसी में रेलवे जंक्शन के हादसे ने मौजूदा कुंभ मेले को भी कलंकित कर दिया।
विज्ञापन


शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पर्व के सकुशल बीतने के बाद ऐसे हादसे ने पर्व पर दाग लगा दिया है। मुझे याद है वर्ष 1954 के हादसे में भगदड़ के बाद मैं स्वयं भीड़ के ऊपर-ऊपर से होकर संगम तट से त्रिवेणी बांध तक पहुंच पाया था। भीड़ और भगदड़ के बाद तमाम लोग जान बचाने के लिए बिजली के तार पर भी चढ़ें।
विज्ञापन
विज्ञापन


मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए इसे रेलवे प्रशासन की लापरवाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन को कुंभ मेला प्रशासन से उचित तालमेल करते हुए भीड़ को नियंत्रित करना चाहिए था। अब सभी घायलों का उचित और बेहतर इलाज हो।   


बता दें तब कुंभ में नेहरू सहित कई बड़े नेता शामिल हुए थे। इसमें चार से पांच लाख श्रद्धालु भी जुटे थे। हादसे के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने न्यायमूर्ति कमलाकांत वर्मा की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया था, कमेटी को हादसे के कारणों और भविष्य में इसे रोकने के उपायों से संबंधित रिपोर्ट देने को कहा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed