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बाहुबली विधायक के सामने झुका मेला प्रशासन
इलाहाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jan 2013 04:33 PM IST
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बाहुबली सपा विधायक की हनक के आगे मेला प्रशासन घुटनों के बल खड़ा हो गया है। महीनेभर की कोशिश के बाद महाकुंभ के लिए तैयार किया गया केपी ग्राउंड का अस्थाई बस अड्डा उजड़ गया है। मेला के लिए अधिग्रहण होने के बाद भी प्रशासन ने जमीन खाली करा ली है। बस अड्डे के लिए लगाई गई बांस बल्ली और तंबू-कनात उखड़ गया है।
इस स्थान पर विधायक के पुत्र की वैवाहिक समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इससे पौष पूर्णिमा के दिन बस अड्डा चालू होना अब संभव नहीं है। सत्ताधारी दल के विधायक का मामला होने से अफसर इस मसले में कुछ भी कहने से बचते फिर रहे हैं।
तमाम विवादों के बाद महाकुंभ के स्नानार्थियों की सुविधा के लिए केपी ग्राउंड परिसर में अस्थाई बस अड्डा बनाने की जमीन मिल सकी। रोडवेज ने लाखों रुपये खर्च कर बस अड्डे के लिए बांस-बल्ली, तंबू-कनात समेत दूसरे इंतजाम कराए। मकर संक्रांति को पूरे दिन यह बस अड्डा संचालित भी किया गया।
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बताते हैं कि दो दिन पहले यहां से बस अड्डा खत्म हो गया। बस अड्डे के लिए हुई व्यवस्था उजाड़ दी गई। अब रोडवेज की ओर से लगाया गया किराए का जेनरेटर एक कोने में पड़ा हुआ है। साथ ही तीन हिस्सा बांस-बल्ली और कनात हटा दिया गया है। इसी स्थल पर वैवाहिक समारोह का पंडाल बन रहा है। कार्यरत मजदूरों का कहना है कि मैदान में 31 जनवरी को विधायक पुत्र की शादी है। पंडाल की व्यवस्था उसी के लिए हो रही है।
सवाल है कि महाकुंभ के लिए अधिग्रहीत जमीन पर बने बस अड्डे को उजाड़ने और इसमें वैवाहिक समारोह की इजाजत किसने दी? पौष पूर्णिमा के लिए बस अड्डा कहां रहेगा? केपी ट्रस्ट के प्रवक्ता नयन श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रस्ट ने जमीन अधिग्रहण के दौरान ही सभी पुरानी बुकिंग निरस्त कर दी थीं।
अस्थाई बस अड्डा हटाने और वैवाहिक समारोह से ट्रस्ट का कोई लेनादेना नहीं है। दूसरी ओर रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक पीआर वेल्वरिया के मुताबिक ट्रस्ट की ओर से बताया गया है कि यह सितंबर की बुकिंग है। अस्थाई बस अड्डे के हटाने और पुनर्निर्माण में आने वाला खर्च ट्रस्ट उठाएगा। इसके कारण 27 जनवरी के स्नान पर्व पर बस अड्डे का संचालन संभव नहीं होगा।
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इस स्थान पर विधायक के पुत्र की वैवाहिक समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इससे पौष पूर्णिमा के दिन बस अड्डा चालू होना अब संभव नहीं है। सत्ताधारी दल के विधायक का मामला होने से अफसर इस मसले में कुछ भी कहने से बचते फिर रहे हैं।
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तमाम विवादों के बाद महाकुंभ के स्नानार्थियों की सुविधा के लिए केपी ग्राउंड परिसर में अस्थाई बस अड्डा बनाने की जमीन मिल सकी। रोडवेज ने लाखों रुपये खर्च कर बस अड्डे के लिए बांस-बल्ली, तंबू-कनात समेत दूसरे इंतजाम कराए। मकर संक्रांति को पूरे दिन यह बस अड्डा संचालित भी किया गया।
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बताते हैं कि दो दिन पहले यहां से बस अड्डा खत्म हो गया। बस अड्डे के लिए हुई व्यवस्था उजाड़ दी गई। अब रोडवेज की ओर से लगाया गया किराए का जेनरेटर एक कोने में पड़ा हुआ है। साथ ही तीन हिस्सा बांस-बल्ली और कनात हटा दिया गया है। इसी स्थल पर वैवाहिक समारोह का पंडाल बन रहा है। कार्यरत मजदूरों का कहना है कि मैदान में 31 जनवरी को विधायक पुत्र की शादी है। पंडाल की व्यवस्था उसी के लिए हो रही है।
सवाल है कि महाकुंभ के लिए अधिग्रहीत जमीन पर बने बस अड्डे को उजाड़ने और इसमें वैवाहिक समारोह की इजाजत किसने दी? पौष पूर्णिमा के लिए बस अड्डा कहां रहेगा? केपी ट्रस्ट के प्रवक्ता नयन श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रस्ट ने जमीन अधिग्रहण के दौरान ही सभी पुरानी बुकिंग निरस्त कर दी थीं।
अस्थाई बस अड्डा हटाने और वैवाहिक समारोह से ट्रस्ट का कोई लेनादेना नहीं है। दूसरी ओर रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक पीआर वेल्वरिया के मुताबिक ट्रस्ट की ओर से बताया गया है कि यह सितंबर की बुकिंग है। अस्थाई बस अड्डे के हटाने और पुनर्निर्माण में आने वाला खर्च ट्रस्ट उठाएगा। इसके कारण 27 जनवरी के स्नान पर्व पर बस अड्डे का संचालन संभव नहीं होगा।