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अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ भाजपा का मास्टरस्ट्रोक कितना कारगर?
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:53 AM IST
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अकबरुद्दीन ओवैसी और शहजादी सैयद
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भारतीय जनता पार्टी ने हैदराबाद की चंद्रयानगुट्टा विधानसभा सीट से ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के शीर्ष नेता अकबरुद्दीन ओवैसी का मुकाबला करने के लिए एक मुस्लिम महिला उम्मीदवार सैयद शहजादी को चुनाव मैदान में उतारा है। तेलंगाना में सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। सवाल ये है कि भाजपा का मास्टरस्ट्रोक कितना कारगर साबित होगा। अकबरुद्दीन लगातार चार बार से विधायक चुने जा रहे हैं और हर किसी के लिए एक जाना-पहचाना नाम है। उनके विवादित बयानों ने भी उन्हें खूब सुर्खियां दिलाई हैं।
एबीवीपी से जुड़ी हैं शहजादी
चुनावी राजनीति में एक नौसिखिया मानी जाने वाली, शहजादी एबीवीपी की नेता हैं और तेलंगाना के अदिलाबाद की रहने वाली हैं। हैदराबाद में उस्मानिया विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। 2004 में ओयू में एडमिशन लेने के बाद हैदराबाद आ गईं। उन्होंने कहा, '2009 में अलग राज्य की मांग के लिए शुरू हुए आंदोलन के दौरान मैं छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रही। मैं एबीवीपी का हिस्सा रही हूं। मुझे लगता है कि यह बहुत प्रगतिशील और गणतांत्रिक छात्र संगठन है और उनके राष्ट्रवाद के विचार मुझे अच्छा लगा। मैंने एबीवीपी में काई पदों पर काम किया है।
शहजादी का कहना है कि चंद्रयानगुट्टा और हैदराबाद शहर के अन्य हिस्सों में आम लोगों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है जबकि एआईएमआईएम पिछले दो दशक से यहां का प्रतिनिधित्व कर रही है। उन्होंने कहा कि वह केन्द्र सरकार की योजनाओं को लागू करके लोगों के कल्याण के लिए काम कर सकती हैं। उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, मैं पूछ रही हूं कि आपके (लोगों) लिए उन्होंने (ओवैसी) किया क्या है? आपके जीवन में क्या बदलाव आया है? आपके बच्चों की शिक्षा के बारे में क्या और उनमें से कितनों को रोजगार मिला हुआ हैं? कितने इंजीनियर और डॉक्टर बन गए हैं। शहजादी ने आरोप लगाया कि हैदराबाद के पुराने शहर में एक सांप्रदायिक माहौल बना दिया गया है। सामान्य मुसलमानों समेत आम लोगों के जीवन में कोई बदलाव नहीं आया है।
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एबीवीपी से जुड़ी हैं शहजादी
चुनावी राजनीति में एक नौसिखिया मानी जाने वाली, शहजादी एबीवीपी की नेता हैं और तेलंगाना के अदिलाबाद की रहने वाली हैं। हैदराबाद में उस्मानिया विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। 2004 में ओयू में एडमिशन लेने के बाद हैदराबाद आ गईं। उन्होंने कहा, '2009 में अलग राज्य की मांग के लिए शुरू हुए आंदोलन के दौरान मैं छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रही। मैं एबीवीपी का हिस्सा रही हूं। मुझे लगता है कि यह बहुत प्रगतिशील और गणतांत्रिक छात्र संगठन है और उनके राष्ट्रवाद के विचार मुझे अच्छा लगा। मैंने एबीवीपी में काई पदों पर काम किया है।
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शहजादी का कहना है कि चंद्रयानगुट्टा और हैदराबाद शहर के अन्य हिस्सों में आम लोगों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है जबकि एआईएमआईएम पिछले दो दशक से यहां का प्रतिनिधित्व कर रही है। उन्होंने कहा कि वह केन्द्र सरकार की योजनाओं को लागू करके लोगों के कल्याण के लिए काम कर सकती हैं। उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, मैं पूछ रही हूं कि आपके (लोगों) लिए उन्होंने (ओवैसी) किया क्या है? आपके जीवन में क्या बदलाव आया है? आपके बच्चों की शिक्षा के बारे में क्या और उनमें से कितनों को रोजगार मिला हुआ हैं? कितने इंजीनियर और डॉक्टर बन गए हैं। शहजादी ने आरोप लगाया कि हैदराबाद के पुराने शहर में एक सांप्रदायिक माहौल बना दिया गया है। सामान्य मुसलमानों समेत आम लोगों के जीवन में कोई बदलाव नहीं आया है।
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लगातार 4 बार से विधायक
अकबरुद्दीन ओवैसी एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई हैं। वह 1999, 2004, 2009 और 2014 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वह हाल में भंग हुई पहली तेलंगाना विधानसभा में एआईएमआईएम विधायक दल के नेता थे।
भाजपा के सांप्रदायिक पार्टी होने के आरोपों को खारिज करते हुए शहजादी ने कहा कि इस तरह की मानसिकता बना दी गई है कि यह मुस्लिमों का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि यह वही भाजपा है जिसने दिवंगत ए पी जे अब्दुल कलाम को देश का राष्ट्रपति बनाया और सिकंदर बख्त, नजमा हेपतुल्ला और एमजे अकबर जैसे भाजपा के मुस्लिम नेताओं को अहम पद दिए।
उन्होंने दावा किया कि हैदराबाद में मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश के मदरसों के लिए बजट को बढ़ाया गया। शहजादी ने कहा कि वह गरीबी, लोगों के मुद्दे और मुस्लिम महिलाओं से संबंधित मुद्दों को समझती है। अगर कोई पार्टी है जिसने युवाओं को प्रोत्साहित किया तो वह भाजपा है। वह भाजपा ही है जिसने मुस्लिमों को भी प्रोत्साहित किया और मैं इसका एक उदाहरण हूं।
भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष के लक्ष्मण ने कहा कि शहजादी एआईएमआईएम के गलत कार्यों और वे कैसे गरीब मुस्लिमों का शोषण कर रहे हैं, इसे उजागर कर सकती है।
शहजादी ने तीन तलाक मुद्दे पर मोदी सरकार के निर्णय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहती हैं।
भाजपा के सांप्रदायिक पार्टी होने के आरोपों को खारिज करते हुए शहजादी ने कहा कि इस तरह की मानसिकता बना दी गई है कि यह मुस्लिमों का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि यह वही भाजपा है जिसने दिवंगत ए पी जे अब्दुल कलाम को देश का राष्ट्रपति बनाया और सिकंदर बख्त, नजमा हेपतुल्ला और एमजे अकबर जैसे भाजपा के मुस्लिम नेताओं को अहम पद दिए।
उन्होंने दावा किया कि हैदराबाद में मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश के मदरसों के लिए बजट को बढ़ाया गया। शहजादी ने कहा कि वह गरीबी, लोगों के मुद्दे और मुस्लिम महिलाओं से संबंधित मुद्दों को समझती है। अगर कोई पार्टी है जिसने युवाओं को प्रोत्साहित किया तो वह भाजपा है। वह भाजपा ही है जिसने मुस्लिमों को भी प्रोत्साहित किया और मैं इसका एक उदाहरण हूं।
भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष के लक्ष्मण ने कहा कि शहजादी एआईएमआईएम के गलत कार्यों और वे कैसे गरीब मुस्लिमों का शोषण कर रहे हैं, इसे उजागर कर सकती है।
शहजादी ने तीन तलाक मुद्दे पर मोदी सरकार के निर्णय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहती हैं।