भावनगर में मारे गए दलित युवक की हत्या के पीछे की ये है सच्चाई, पकड़ा गया आरोपी
भावनगर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भावनगर में मारे गए दलित युवक की हत्या एक बटाईदार ने की थी। दलित युवक प्रदीप राठौड़ (21) अकसर उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ किया करता था। जिस कारण उसने उसकी हत्या कर दी। प्रदीप की मौत के पीछे ना ही किसी उच्च जाति के व्यक्ति का हाथ है और ना ही उसका घोड़ों पर स्टंट करना उसकी मौत की वजह है।
पुलिस के मुताबिक उन्होंने आरोपी को गिरफ्तार कर केस सुलझा लिया है। वहीं पीड़ित के पिता का कहना है कि उन्हें पुलिस की बातों में विश्वास नहीं है और पुलिस उच्च जाति के व्यक्तियों का जुर्म छुपाने के लिए बटाईदार को बलि का बकरा बना रही है।
भावनगर के एसपी प्रवीण मल ने मौत के पीछे छुपी पूरी कहनी साझा करते हुए बताया कि भावनगर जिले के टिंबी गांव में रहने वाले दलित युवक को किसी जातिय पक्षपात के कारण नहीं मारा गया। उन्होंने बताया कि उसे मुन्ना थलेशा (28) नामक युवक ने मारा है, जिसकी पत्नी के साथ वह अकसर छेड़छाड़ किया करता था।
उन्होंने बताया कि आरोपी अहमदाबाद के धानुका तालुका के पदाना गांव का मूल निवासी है। वह पिपराली के बोथा नथिया गांव में खेती करता था जो टिंबी से जुड़ा हुआ है। यहां वह पिछले दो साल से खेती कर रहा था। लेकिन घटना से महज 2 महीने पहले प्रदीप ने मुन्ना की पत्नी के साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया।
ऐसा दिया हत्या को अंजाम
एसपी ने बताया कि इसी बात से परेशान होकर मुन्ना की पत्नी ने उससे शिकायत की और कहा कि वह इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कर दे। लेकिन मुन्ना ने ऐसा करने से मना कर दिया। उसने कहा कि वह लोग गरीब हैं और उन्हें अपने काम पर ही ध्यान देना चाहिए। इसके बाद 29 मार्च को मुन्ना की पत्नी रोज की तरह खेत में काम कर रही थी, उसके हाथ में एक दरांत भी थी जिसकी सहायता से वह बबूल के पेड़ की टहनियां काट रही थी।
तभी प्रदीप घोड़े पर बैठकर वहां आ गया। जिसके बाद वहां मुन्ना भी पहुंच गया और उसने प्रदीप को कहा कि वह उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ क्यों करता है। प्रदीप मुन्ना से कहने लगा कि उसे रोकने की हिम्मत उसे कैसे हुई। फिर अपनी छड़ी से मुन्ना ने प्रदीप के घोड़े को भी भगाने की कोशिश की जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया और मुन्ना ने उसी दरांत से उसकी हत्या कर दी।
एसपी ने आगे बताया कि मुन्ना उन खेतों से 500 मीटर की दूरी पर एक झोपड़ी में रहता था। लेकिन हत्या को अंजाम देने के बाद वह वहां से भागकर अपने मूल गांव लौट गया। मुन्ना को जब पकड़ा गया तो भी पुलिस को उसकी बातों पर वइस्वास नहीं हो रहा था लेकिन उसकी फोन लोकेशन से पता चला कि वह घटना के वक्त वहां मौजूद था।
गौरतलब है कि 29 मार्च को प्रदीप की हत्या कर दी गई थी। जिसमें उसके परिवार का कहना था कि गांव की उच्च जाति के लोगों ने उनके बेटे की हत्या की है। जबकि प्राथमिक जांच में पता चला था कि वह घोड़ों पर स्टंट करके लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करता था। अब करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस ने इस केस को सुलझा लिया है और आरोपी मुन्ना को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।